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Lucknow News : चिटफंड घोटाले में टीएमसी नेता समेत नौ के ठिकानों पर सीबीआई के छापे
Wed, 27 Jul 2022 12:02 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 27 Jul 2022 12:02 AM IST
सार
कंपनी के संस्थापक पूर्व राज्य सभा सांसद कंवर दीप सिंह, कंवर दीप सिंह के बेटे कंपनी के चेयरमैन करनदीप सिंह, निदेशक सतेन्द्र सिंह, वीएम महाजन, सीएम जौली, कृष्ण कबीर, सुचेता खेमकार, चन्द्रशेखर चौहान और आजमगढ़ के ब्रांच मैनेजर सुशील कुमार राय के खिलाफ केस दर्ज किया गया था और इन्हीं के ठिकानों पर छापे मारे गए हैं।
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सीबीआई (सांकेतिक)
- फोटो : Social media
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विस्तार
चिटफंड घोटाले में सीबीआई ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद कंवरदीप सिंह व उनके बेटे समेत 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार, पंजाब और यूपी में कुल 12 स्थानों पर छापे मारे। इस दौरान कई आपत्तिजनक व संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामला वर्ष 2021 में यूपी के आजमगढ़ कोतवाली में दर्ज मुकदमे का है। इसकी जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध राज्य सरकार ने किया था। इसे स्वीकार करते हुए केंद्र ने बीते 28 जून को इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिया था।
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गौरतलब है कि इंवेस्टर एंड ब्रोकर वेलफेयर सोसाएटी के अध्यक्ष विजय कुमार चौहान ने फरवरी 2021 में कोर्ट के जरिए आजमगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि कंवरदीप सिंह, उनके बेटे करनदीप सिंह व सात अन्य ने अलकेमिस्ट इंफ्रा रियल्टी लि. व अलकेमिस्ट टाउनशिप इंडिया लि. के नाम की कंपनी खोली। इसका एक ब्रांच आजमगढ़ में भी खोला।
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विजय का आरोप है कि कंपनी ने बेरोजगारों को अत्यधिक ब्याज और भारी कमीशन का लालच देकर कंपनी में निवेश कराया। जनता को उसके जमा धनराशि का 6 वर्ष में दोगुना, 9 वर्ष में तीन गुना और 16 वर्ष में 10 गुना धनराशि वापस करने का प्रलोभन दिया गया। कंपनी में आजमगढ़ जिले से लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। परिपक्वता अवधि पूर्ण होने पर जब निवेशकों ने पैसा मांगा तो कंपनी के कर्मचारी व अधिकारी आनाकानी करने लगे और दिसंबर 2019 में आजमगढ़ आफिस में ताला बंद करके भाग गए।
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इनके खिलाफ दर्ज किया गया था केस
कंपनी के संस्थापक कंवर दीप सिंह, चेयरमैन करनदीप सिंह, निदेशक सतेंद्र सिंह, वीएम महाजन, सीएम जौली, कृष्ण कबीर, सुचेता खेमकार, चंद्रशेखर चौहान और आजमगढ़ के ब्रांच मैनेजर सुशील कुमार राय के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इन्हीं के ठिकानों पर छापे मारे गए हैं।