{"_id":"657f3e20d7eadba52c08caf0","slug":"lucknow-news-bjp-will-increase-caste-base-in-up-also-through-bhajanlal-mohan-yadav-and-vishnudev-2023-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : भजनलाल, मोहन यादव और विष्णुदेव के जरिये यूपी में भी जातीय आधार बढ़ाएगी भाजपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : भजनलाल, मोहन यादव और विष्णुदेव के जरिये यूपी में भी जातीय आधार बढ़ाएगी भाजपा
Mon, 18 Dec 2023 12:01 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 18 Dec 2023 12:01 AM IST
सार
भाजपा शासित राज्य राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जरिये पार्टी यूपी में इन तीनों मुख्यमंत्रियों की जातियों के बीच आधार बढ़ाने में जुट गई है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा शासित राज्य राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जरिये पार्टी यूपी में इन तीनों मुख्यमंत्रियों की जातियों के बीच आधार बढ़ाने में जुट गई है। पार्टी ने अपने ब्राह्मण, यादव और जनजातीय नेताओं को अपने-अपने समाज के बीच इसे पहुंचाने का संदेश दिया है कि पार्टी ने राजस्थान में ब्राह्मण, एमपी में यादव (पिछड़े) और छग में एक सामान्य आदिवासी परिवार के कार्यकर्ता को प्रदेश की कमान सौंपकर समाज का सम्मान बढ़ाया है।
विज्ञापन
यूपी में लंबे अर्से से कोई ब्राह्मण मुख्यमंत्री नहीं हुआ है। यादव समाज पर अपना हक समझने वाली समाजवादी पार्टी जब भी सत्ता में आई सरकार की कमान नेतृत्व वाले परिवार में ही रही है। ऐसे में यूपी में ब्राह्मण डिप्टी सीएम के बाद राजस्थान में सीएम बनाकर पार्टी इस समाज को यह संदेश देने में जुट गई है कि उनका सम्मान भाजपा में ही है। मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यादव समाज से सीएम बनाकर यूपी में यादव समाज को बताना शुरू कर दिया गया है कि भाजपा में कोई भी किसी भी पद पर पहुंच सकता है, वह यादव ही क्यों न हो। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि यादव समाज सपा में नेतृत्व का पद तो कभी नहीं पा सकता। जब भी ऐसा अवसर आएगा, अखिलेश यादव या उनका परिवार ही मौका पाएगा। यूपी में आदिवासी मतदाताओं की संख्या तो ज्यादा नहीं है, लेकिन पूर्वांचल की कुछ सीटों को यह समुदाय प्रभावित करता है। छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज से सीएम बनाकर पार्टी ने दलितों-आदिवासियों को यह संदेश देने का प्रयास शुरू कर दिया है कि उनके हित भाजपा में ही सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में ब्राह्मण, यादव व आदिवासी समाज के बीच अपने सियासी प्रयोग का फायदा उठाना चाहती है। पार्टी ने तीनों जातियों से जुड़े नेताओं और जनप्रतिनिधियों को इसके लिए सक्रिय कर दिया है। यादव समाज से जुड़े नेता और पदाधिकारी जहां मोहन यादव को सीएम बनाने के लिए पीएम मोदी का आभार जताते हुए पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स के जरिये इसका प्रचार कर रहे हैं। वहीं ब्राह्मण समाज के नेता भी अपने समाज के बीच भजनलाल शर्मा को सीएम बनाने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार जता रहे हैं। जनजाति प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता भी विष्णुदेव साय के जरिए जनजाति समुदाय को साधने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
नेता और जनप्रतिनिधि समाज को बता रहे हैं कि भाजपा ने ही समाज को उचित नेतृत्व दिया है। अब इन समाजों के सामाजिक संगठनों के जरिये भी इसके लिए पीएम मोदी और भाजपा नेतृत्व का आभार प्रकट कराने की तैयारी है। उल्लेखनीय है कि यादव महासभा की ओर से तो मोहन यादव को सीएम बनाने के लिए भाजपा का आभार भी जताया जा चुका है।