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Lucknow News : उद्यमियों को बड़ी राहत, छापे के दौरान फैक्टरी सील नहीं होगी और नोटिसों की सुनवाई होगी आनलाइन

Sat, 13 Jan 2024 11:49 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 13 Jan 2024 11:49 PM IST
सार

इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ बैठक में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव राज्यकर नितिन रमेश गोकर्ण और अपर मुख्य सचिव एमएसएमई अमित मोहन प्रसाद ने ऐसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।

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Lucknow News: Big relief to entrepreneurs, factory will not be sealed during raid and hearing of notices will
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राज्य कर छापों और कार्यशैली से नाराज उद्यमियों को बड़ी राहत मिली है। अब राज्य कर छापों के दौरान किसी भी फैक्टरी को सील नहीं किया जा सकता। नोटिसों की आड़ में उद्यमियों को दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एक अप्रैल से केंद्र की तरह नोटिसों की सुनवाई वर्चुअल की जाएगी। पांच हजार रुपये से कम की गड़बड़ी पर कोई नोटिस जारी नहीं होगी। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ बैठक में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव राज्यकर नितिन रमेश गोकर्ण और अपर मुख्य सचिव एमएसएमई अमित मोहन प्रसाद ने ऐसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।

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शनिवार को आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश गोयल, आईआईए जीएसटी कमेटी के चेयरमैन शशांक शेखर और महासचिव आलोक अग्रवाल के साथ प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में उद्यमी खुलकर बोले। उद्यमियों ने कहा कि सचल दल उद्यमियों के वाहनों को अनावश्यक रूप से रोकते हैं और भारी जुर्माना लगाते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा निकाली गई सूचना के आधार पर हजार-पांच सौ रुपये जैसी छोटी-छोटी राशि की अनियमिताओं पर भारी संख्या में उद्यमियों को नोटिस जारी किया जा रहा है। नोटिसों की सुनवाई और जवाब के लिए केंद्र की तरह आनलाइन या वर्चुअल व्यवस्था नहीं है। इस वजह से दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारी छापे के दौरान फैक्टरी को सील कर देते हैं।
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नीरज सिंघल ने कहा कि आईआईए प्रदेश के टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी का समर्थन करता है लेकिन सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि ईमानदार उद्यमियों और कारोबारियों को प्रोत्साहन मिले। किसी सूरत में उनका उत्पीड़न ना हो। छोटी-छोटी गलतियां जिनसे राजस्व प्रभावित न होता हो, परेशान ना किया जाए बल्कि उन गलतियों को सुधारने में उद्यमी का सहयोग किया जाए।
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समस्याओं के संबंध में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव राज्य कर और अपर मुख्य सचिव एमएसएमई ने 5 अहम फैसले लिए...
1-राज्य जीएसटी द्वारा फैक्टरियों में छापे के दौरान सील करने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि एसआईबी की टीम फैक्टरी को सील करती है अथवा नोटिस देती है तो इसकी सूचना तत्काल राज्य कर विभाग को दें।

2-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जो सूचना विभाग को मिल रही है, उसके आधार पर 5000 रुपये से कम की अनियमिता के लिए उद्यमियों को नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे।
3-एक अप्रैल 2024 से उद्यमियों को राज्य कर विभाग द्वारा भेजे जाने वाले नोटिसों की सुनवाई वर्चुअल होगी जैसा केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है। इससे उद्यमियों को राज्य कर विभाग के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
4-राज्य कर विभाग के किसी भी अधिकारी की एक स्थान पर तैनाती चार वर्ष से अधिक नहीं की जाएगी। इस निर्णय का पालन शुरु कर दिया गया है।
5-राज्य में जीएसटी का कलेक्शन बढ़ाने का उद्देश्य है लेकिन इससे उद्यमियों का उत्पीड़न ना हो इसे सरकार सुनिश्चित करेगी।

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