{"_id":"5a0955614f1c1b9e678bb376","slug":"lucknow-metro-underground-track-will-be-on-base-of-spring","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक खास वजह से अंडरग्राउंड ट्रैक पर स्प्रिंग पर दौड़ाई जाएगी लखनऊ मेट्रो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक खास वजह से अंडरग्राउंड ट्रैक पर स्प्रिंग पर दौड़ाई जाएगी लखनऊ मेट्रो
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 13 Nov 2017 01:48 PM IST
विज्ञापन
मेट्रो का अंडरग्राउंड ट्रैक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चारबाग से हजरतगंज के बीच सुरंग में मेट्रो एक खास तरह के स्प्रिंग पर बने ट्रैक पर दौड़ेगी। इस खास ट्रैक की वजह से आसपास की जमीन और ऊपरी सतह पर बनी इमारतों को कंपन के नुकसान से बचाया जा सकेगा।
विज्ञापन
इसके लिए रविवार को एमडी कुमार केशव ने सचिवालय स्टेशन साइट पर विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद सचिवालय से हजरतगंज के बीच सुरंग में विधिवत ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो गया। इसका काम कालिंदी रेल निर्माण कंपनी को दिया गया है। इसी कंपनी ने प्राथमिकता सेक्शन पर पटरी बिछाई थीं।
विज्ञापन
एमडी ने बताया कि अपनी तय डेडलाइन से करीब एक महीने पहले ट्रैक बिछाने का काम शुरू किया है। अगले एक महीने में सचिवालय से हजरतगंज के बीच ट्रैक बिछाने के काम को खत्म कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
इस मास स्प्रिंग सिस्टम को ऑस्ट्रिया से आयात किया गया है। इसे बिछाने का काम कालिंदी रेल निर्माण कंपनी को दिया गया। इसी कंपनी ने प्राथमिकता सेक्शन पर पटरियां बिछाई थीं।
एक अधिकारी ने बताया कि ट्रैक बिछाने से पहले एक विशेष ट्रैक बेड बनाया जाएगा। इस बेड के नीचे यह मास स्प्रिंग सिस्टम रहेगा, जोकि एक तरफ से गद्दे का काम करेगा। ट्रेन के गुजरने के समय यह कंपन को नियंत्रित करेगा। साथ ही सुरंग में यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाएगा।
मास स्प्रिंग सिस्टम एक 25 मिमी मोटाई का लचीला पैड जैसा है। इसका काम सुरंग के ढांचे और इससे जुड़े निर्माण और सतह में कंपन और ध्वनि तरंगों की वजह से होने वाली समस्या को दूर करना है। पटरी में मजबूती रहे, इसके लिए इसमें जोड़ देने की जगह इसे वेल्डिंग से मजबूत बनाया जाएगा।
इस तरह किया जाएगा निर्माण
- सबसे पहले सुरंग की सतह पर लचीली इलास्टोमर मास स्प्रिंग सिस्टम शीट रखी जाएगी।
- इसके बाद ट्रैक बेड के सुदृढीकरण के लिए स्प्रिंग शीट के ऊ पर जाल रखी जाती है
- इस जाल में नीचे तक कंक्रीट भरा जाएगा, इस कंक्रीटनुमा जाल के ऊपर पटरी बिछेगी।
आयातित होगा ट्रैक
पटरियां - जापान
मास स्प्रिंग सिस्टम शीट -ऑस्ट्रिया
ट्रैक फिटिंग का सामान - जर्मनी