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लखनऊ : बैंक के 45 करोड़ गबन करने में मैनेजर गिरफ्तार, एक साल से था फरार, बैंक ने कर दिया था निलंबित, नकदी, कार, पिस्तौल, लैपटॉप, सात मोबाइल बरामद

Mon, 31 Jan 2022 11:01 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 31 Jan 2022 11:01 PM IST
सार

आरोपी शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार के खिलाफ बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक ने एक साल पहले मुकदमा दर्ज कराया था। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था।

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Lucknow: Manager arrested for embezzling 45 crores of bank, was absconding for a year, bank had suspended, cash, car, pistol, laptop, seven mobiles recovered
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

केनरा बैंक (पहले सिंडिकेट बैंक) से 45 करोड़ रुपये के गबन के मामले में फरार चल रहे शाखा प्रबंधक को कृष्णानगर पुलिस ने दबोच लिया है। इसमें से  41.76 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश स्टेट हाईवे अथॉरिटी (उपसा) का था। आरोपी शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार के खिलाफ बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक ने एक साल पहले मुकदमा दर्ज कराया था। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। पुलिस ने आरोपी शाखा प्रबंधक के पास से 84 हजार रुपये नकद, एक कार, पिस्तौल, लैपटॉप, सात मोबाइल, 6 पेन ड्राइव बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।

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डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक के मुताबिक, अखिलेश कुमार केनरा बैंक (पहले सिंडिकेट बैंक) के एलडीए कॉलोनी शाखा केप्रबंधक पद पर तैनात था। 31 जनवरी 2021 को केनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख मनोज कुमार मीणा ने कृष्णानगर कोतवाली में अखिलेश कुमार के खिलाफ  45 करोड़ रुपये की हेराफेरी का केस दर्ज कराया गया था।
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डीसीपी मध्य ने बताया कि केनरा बैंक (पहले सिंडिकेट बैंक) के शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार को जालसाजों ने कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया था। जालसाजों के चक्कर में पड़कर बैंक मैनेजर ने उपसा (उत्तर प्रदेश स्टेट हाईवे अथॉरिटी) का 41.76 करोड़ रुपये जालसाजों के खाते में जमा करा दिया था। फर्जीवाड़ा कर दस्तावेज तैयार कराए। जब उपसा ने अपनी रकम वापस मांगी तो जालसाजी का खुलासा हुआ।
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ग्राहक की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, 29 जनवरी 2021 को ग्राहक ने बैंक में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके खाते से कुछ रुपये गलत तरीके से निकाले गए थे। बैंक अधिकारियों ने जांच शुरू की तो 45 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई। बैंक के शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई। अखिलेश ऐशबाग के पुराने लेबर कॉलोनी का रहने वाला है। जांच पूरी होने के बाद बैंक अधिकारियों ने शाखा प्रबंधक अखिलेश कुमार को वित्तीय अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इसके बाद कृष्णानगर थाने में अखिलेश कुमार के खिलाफ  केस दर्ज कराया गया। मामले की विवेचना एसएसआई नईम अहमद कर रहे थे। प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर आलोक राय के मुताबिक, पुलिस की जांच में अखिलेश कुमार पर लगे आरोप सही मिले।


पुलिस ने घोषित कर दिया था 25 हजार का इनाम
प्रभारी निरीक्षक आलोक राय के मुताबिक, कोर्ट से अनुमति मिलने पर 18 जनवरी को पुलिस ने अखिलेश कुमार के घर की कुर्की की कार्रवाई के लिए नोटिस चस्पा कराया। इसके बाद डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने अखिलेश की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। सोमवार को कृष्णानगर पुलिस ने अखिलेश कुमार को गिरफ्तार किया। डीसीपी मध्य अपर्णा गौतम के मुताबिक, इस मामले में कुछ और लोगों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। विवेचना की जा रही है। जांच में कई नाम सामने आए हैं।

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