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लविवि: डॉ. रविकांत को समाजवादी छात्र सभा इकाई अध्यक्ष ने मारा थप्पड़, किया गया निलंबित

Thu, 19 May 2022 12:41 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 19 May 2022 12:41 AM IST
सार

डॉ रविकांत ने बताया कि दोपहर एक बजे वह न्यू लॉ में अपनी क्लास लेने जा रहे थे। तभी वह छात्र नेता आया उनका रास्ता रोका और मारने लगा। डॉ रविकांत ने बताया कि वह सामने आया तो ऐसे नहीं लग रहा था कि हमला करेगा। पहले वह नमस्कार की मुद्रा में नीचे झुका और उसके तुरंत बाद उसने हमला कर दिया।

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Lucknow: Lucknow University professor assaulted for making controversial statement on Kashi Vishwanath temple
लखनऊ विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर ऑफिस में अपनी शिकायत दर्ज कराते डॉ रविकांत - फोटो : amar ujala

विस्तार

काशी विश्वनाथ मंदिर पर विवादित बयान देने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. रविकांत पर बुधवार दोपहर प्रॉक्टर कार्यालय के ठीक सामने समाजवादी छात्रसभा के इकाई अध्यक्ष कार्तिक पांडेय ने थप्पड़ मार दिया। उनके साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों व विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने कार्तिक को तुरंत पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना से पूरा विश्वविद्यालय परिवार अवाक रह गया। वहीं, कार्तिक पांडेय को लेकर समाजवादी छात्र सभा के अंदर अजीब स्थिति दिखी। घटना के बाद सछास के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव ने एक पत्र जारी कर कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष कार्तिक पांडेय को तत्काल इकाई अध्यक्ष के पद से पदमुक्त किया जाता है। कुछ घंटे बाद एक दूसरा पत्र जारी कर उन्होंने इस पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी छात्रसभा विश्वविद्यालय इकाई संगठन वार्षिक ही होता है। लखनऊ विश्वविद्यालय की नई इकाई का गठन अभी नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में कार्तिक पांडेय किसी भी पद पर नहीं हैं।

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डॉ. रविकांत दोपहर लगभग 01 बजे अपने विभाग से बीए के छठवें सेमेस्टर की क्लास लेने के लिए न्यू लॉ ब्लॉक जा रहे थे। उनके साथ विश्वविद्यालय की ओर से सुरक्षा में दिए गए दो आर्म्स गार्ड भी थे। इसी दौरान अचानक एमए संस्कृत पहले सेमेस्टर का छात्र कार्तिक पांडेय उनके पास आया और पहले नीचे झुका,  इसके बाद अचानक हमला कर दिया। उसने डॉ. रविकांत के चेहरे पर थप्पड़ मारा। वह वहां से भाग पाता, इससे पहले ही सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और प्रॉक्टर ऑफिस ले जाया गया। मारपीट होते देख वहां भारी भीड़ लग गई और छात्राें ने इस घटना का वीडियो भी बनाया जो तुरंत ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
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वहीं, सुरक्षाकर्मी डॉ. रविकांत को घेरे में लेकर प्रॉक्टर कार्यालय गए। प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी और चौकी इंचार्ज तुरंत मौके पर पहुंचे और कार्तिक को पकड़कर चौकी ले गए। डॉ. रविकांत ने प्रॉक्टर को लिखित शिकायत देकर इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग की। बता दें कि डॉ. रविकांत ने एक डिबेट के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर पर विवादित बयान दिया था। इसके बाद एबीवीपी व अन्य छात्रों ने विश्वविद्यालय में उग्र प्रदर्शन कर डॉ. रविकांत को बर्खास्त करने की मांग की थी। तबसे यह मामला चर्चा में चल रहा है।
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विश्वविद्यालय ने कार्तिक को किया निलंबित
विश्वविद्यालय प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ. रविकांत के साथ हुई घटना पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


मेरी और परिवार की जान को खतरा
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. रविकांत ने कहा कि 10 मई को उनके खिलाफ हुए उग्र प्रदर्शन के मामले में कोई कार्रवाई अभी तक न तो विश्वविद्यालय प्रशासन और न ही पुलिस प्रशासन ने की है। इसी उदासीनता के परिणाम स्वरूप साजिशन मेरे ऊपर हमला हुआ। उसने मुझे जातिसूचक गालियां भी दीं। पुलिस प्रशासन को 10 मई और आज की घटना के मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यदि इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो मेरी और मेरे परिवार की जान भी जा सकती है।

लविवि के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि सछास इकाई अध्यक्ष कार्तिक पांडेय डॉ. रविकांत के साथ जो गलत बर्ताव किया गया, वह निंदनीय है। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। विवि ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कार्तिक को निलंबित कर दिया है। एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अपनी रिपोर्ट देगी।

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