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Lucknow News: संदिग्ध हालात में लोहिया के चिकित्सक की मौत, अंदर से बंद था कमरा, बेड के पास मिले कई इंजेक्शन
Sat, 14 Jan 2023 10:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jan 2023 10:34 AM IST
सार
लोहिया हॉस्पिटल के मैनेजमेंट व उनके साथियों का कहना है कि डॉ. अमित बेहद शांत स्वभाव व कम बोलने वाले व्यक्ति थे। अपने परिवार के सबसे छोटी संतान थे। बड़े भाई अभय नायक, बहन रिंकू, अंजुला और अनु हैं। परिजन शुक्रवार सुबह दिल्ली से लखनऊ पहुंच गए।
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डॉ,अमित नायक (फाइल फोटो)
विस्तार
लोहिया संस्थान के डॉ. अमित नायक (28) की बृहस्पतिवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव कमरे के अंदर बेड पर पड़ा मिला था। बेड के पास इंजेक्शन व सिरिंज भी थी। शुरूआती पड़ताल में पुलिस को आशंका है कि डॉ. नायक ने खुदकुशी की है। शाम को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। हार्ट व बिसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस के मुताबिक डॉक्टर इमरजेंसी में तैनात थे। अस्पताल नहीं पहुंचे तो साथियों ने कॉल किया तो उनका मोबाइल बंद था।
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मूलत: गोरखपुर के गगहा चवरियां निवासी अमित के पिता हेमचंद्र दिल्ली में रहते हैं। डॉ. अमित नायक लोहिया हॉस्पिटल में एनेस्थीसिया पीजी प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। वे इंदिरानगर सेक्टर 14 में किराये के मकान में रहते थे। बृहस्पतिवार को उनकी ड्यूटी इमरजेंसी में थी। शाम 6.30 बजे तक वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो सीनियर डॉ. दीपक दीक्षित ने उनके मोबाइल पर कॉल किया। उनका मोबाइल बंद आ रहा था। अनहोनी की आशंका पर डॉ. शुभेंदु, डॉ. शोएब, डॉ. अनिल को रात करीब 9 बजे उनके घर भेजा गया। ये लोग काफी देर तक दरवाजे पर दस्तक देते रहे, लेकिन अंदर से कोई आहट नहीं मिली। इसके बाद हथौड़ी से दरवाजा तोड़कर तीनों अंदर दाखिल हुए। वहां डॉ. अमित बेड पर पड़े थे और उनके बेड के आसपास कई इंजेक्शन व सिरिंज पड़े थे। साथियों ने इसकी सूचना हॉस्पिटल मैनेजमेंट व गाजीपुर पुलिस को दी।
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बचाने का किया पूरा प्रयास
इंस्पेक्टर गाजीपुर सुनील कुमार सिंह के मुताबिक साथी डॉक्टरों ने डॉ. अमित को सीपीआर दिया और एंबुलेंस से लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। जहां उनकी ईसीजी व अन्य जांचें की गईं। डॉक्टरों ने इसके बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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शांत स्वभाव व कम बोलने वाले थे डॉ. अमित
लोहिया हॉस्पिटल के मैनेजमेंट व उनके साथियों का कहना है कि डॉ. अमित बेहद शांत स्वभाव व कम बोलने वाले व्यक्ति थे। अपने परिवार के सबसे छोटी संतान थे। बड़े भाई अभय नायक, बहन रिंकू, अंजुला और अनु हैं। परिजन शुक्रवार सुबह दिल्ली से लखनऊ पहुंच गए। उनके पिता हेमचंद्र नायक बेहद दुखी थे। लेकिन वह भी नहीं समझ पा रहे कि आखिर उनके डॉक्टर बेटे की मौत कैसे हुई।
मां की मौत के बाद से डिप्रेशन में थे
पिता दिल्ली में रहकर वेल्डिंग का काम करते हैं। इस काम में उनका बड़ा बेटा मदद करता है। पिता ने बताया कि अमित का लगाव मां शोभा से ज्यादा था। शोभा का निधन डेढ़ साल पहले हुआ था। इसके बाद से अमित डिप्रेशन में रहता था।