फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   lucknow highcourt rejected the appeals of accused of gangrape and murderer

जब हाईकोर्ट ने कहा- नाबालिग से गैंगरेप व हत्या करने वाले सहानुभूति के पात्र नहीं, सुधरेंगे भी नहीं

Sat, 13 Oct 2018 01:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 13 Oct 2018 01:38 PM IST
विज्ञापन
lucknow highcourt rejected the appeals of accused of gangrape and murderer
- फोटो : demo pic
नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के बाद बेरहमी से उसे मार डालने वाले सहानुभूति के कतई पात्र नहीं। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस टिप्पणी के साथ दो सजायाफ्ता की सजा को उचित करार दिया। मामला राजधानी के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र से संबंधित है, जिसमें 12 साल की एक नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या करने के मामले में सत्र अदालत ने पुतई (31) को फांसी की सजा और सह अभियुक्त दिलीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 
विज्ञापन


दोनों की तरफ से सजा के खिलाफ अदालत में दायर उनकी अलग-अलग अपीलों को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें सुनाई, फांसी व उम्र कैद की सजा पर मुहर लगा दी।

न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल की खंडपीठ ने यह फैसला पुतई व दिलीप की ओर से दायर अपीलों पर दिया। अदालत ने फैसले में कहा कि बालिका के शरीर पर आए चोटों के निशान से पता चलता है कि किस तरह से दोनों आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद निर्दयता से मार दिया। 
विज्ञापन


ऐसे में अपीलकर्ता किसी सहानुभूति के हकदार नहीं हैं। राज्य की तरफ से शासकीय अधिवक्ता विमल कुमार श्रीवास्तव व जयंत सिंह तोमर तथा अपर शासकीय अधिवक्ता चंद्रशेखर पांडेय ने आरोपी पक्ष द्वारा दाखिल अपीलों का विरोध किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुधरने की भी गुंजाइश नहीं

अदालत ने कहा कि पुतई 31 वर्ष का शादीशुदा परिवार वाला आदमी है जो ऐसे बर्बर कृत्य में शामिल है। उसके सुधरने की कोई गुंजाइश नहीं है। कोर्ट ने कहा कि मामले के हालात पर गौर करने के बाद यह पाया जाता है कि पुतई को मृत्युदंड दिया जाना पूरी तरह तर्क संगत है। अभियुक्त की उम्र व गरीबी की पृष्ठभूमि जैसे कारक अपराध की गंभीरता को कम नहीं कर सकते हैं। फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील किया जाना कतई तर्कसंगत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि पुतई ने जिस तरह से अपराध को अंजाम दिया उससे यह केस विरल से विरलतम मामलों की श्रेणी में आता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed