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लखनऊ में है गोकुलधाम कॉलोनी, तारक मेहता के नाटक से प्रभावित होकर रखा था नाम
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 02 Mar 2017 03:53 PM IST
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गोकुलधाम कॉलोनी
- फोटो : amar ujala
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दो हजार से भी ज्यादा एपिसोड पूरा करने वाले हास्य पारिवारिक टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के लेखक पद्मश्री तारक मेहता का लखनऊ से आजीवन का संबंध जुड़ा है।
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दिवंगत वयोवृद्ध लेखक के लिखे टीवी शो का प्रसारण भले ही टीवी पर लगातार कई सालों से हो रहा हो, कलाकारों की गोकुल धाम कालोनी में रहने की भले ही हर भारतीय की ख्वाहिश हो, लेकिन शहरियों ने इसे सच में अपना लिया है।
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शो के शुरू होने के करीब दो साल बाद नाका मोतीनगर के कई निवासियों ने जब एक कालोनी में रहना शुरू किया तो पूरी कालोनी का नाम ही टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की कालोनी ‘गोकुलधाम’ के नाम पर रख दिया।
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पूरे चारबाग-मोतीनगर में कालोनी इसी नाम से और तारक मेहता के शो के नाम से जाना जाता है। मौजूदा समय में यहां 18 मकानों में 18 परिवार रह रहे हैं, जिनमें से अधिकतर मारवाड़ी परिवारों के हैं और कई मकानों का निर्माण चल रहा है।
यहां तीज त्योहार भी टीवी की तरह ही सामूहिक रूप से मनाये जाते हैं। सीरियल के लेखक तारक मेहता के निधन की खबर के बाद दिन भर यहां के लोग मायूस दिखे।
गोकुल धाम वेलफेयर सोसाइटी के कोषाध्यक्ष सुधीश गर्ग ने बताया कि हम कुछ परिवार जो पहले से आपस में परिचित थे और शुरू से ही पारिवारिक शो तारक मेहता को बहुत पसंद करते थे।
दिवंगत के लिये गोकुलाधीश मंदिर में की प्रार्थना
गोकुलाधीश मंदिर
- फोटो : amar ujala
जब हमारी ये कालोनी बनकर तैयार हुई तो तमाम सदस्यों ने इसका नाम टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की कालोनी ‘गोकुलधाम’ के नाम पर रखने की बात कही और हमने नाम रख दिया।
12 मई 2010 को इसे ये नाम मिला, जबकि शो जुलाई 2008 से ही आ रहा है। हमनेे शाम को कालोनी के गोकुलाधीश मंदिर में दिवंगत के लिये भगवान से प्रार्थना भी की।
नगर के हास्य कवि और लेखक सर्वेश अस्थाना ने बताया कि टीवी के लीड किरदार शैलेष लोढ़ा से तो उनका पुराना परिचय है, लेकिन बीते दिनों मुंबई में एक कवि सम्मेलन समारोह केदौरान तारक मेहता से भी मिलना हुआ।
उनसे अभिवादन हुआ तो वे चहक कर बोले इसीलिये लोग तुम्हें स्माइल मैन के नाम से बुलाते हैं। उनकी एनर्जी इस उम्र में भी युवा सी थी। अफसोस है कि उनके साथ ज्यादा समय नहीं बीता पाया।
12 मई 2010 को इसे ये नाम मिला, जबकि शो जुलाई 2008 से ही आ रहा है। हमनेे शाम को कालोनी के गोकुलाधीश मंदिर में दिवंगत के लिये भगवान से प्रार्थना भी की।
नगर के हास्य कवि और लेखक सर्वेश अस्थाना ने बताया कि टीवी के लीड किरदार शैलेष लोढ़ा से तो उनका पुराना परिचय है, लेकिन बीते दिनों मुंबई में एक कवि सम्मेलन समारोह केदौरान तारक मेहता से भी मिलना हुआ।
उनसे अभिवादन हुआ तो वे चहक कर बोले इसीलिये लोग तुम्हें स्माइल मैन के नाम से बुलाते हैं। उनकी एनर्जी इस उम्र में भी युवा सी थी। अफसोस है कि उनके साथ ज्यादा समय नहीं बीता पाया।