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चलती कार में दरिंदगी: चंद सेकंड को परिवार हटा तो पीड़िता ने की सुसाइड की कोशिश, फूट-फूटकर रोई मां, बोली- डर...
Tue, 12 Dec 2023 11:12 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 12 Dec 2023 11:12 AM IST
सार
सेवानिवृत्त अफसर की बेटी से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़िता ही नहीं, उसका पूरा परिवार सदमे में है। मां बेटी को पल भर भी अकेला नहीं छोड़ रही। कहती हैं, चंद सेकंड को हटी तो बेटी ने आत्महत्या की कोशिश की। इतना कहते-कहते वो फफक पड़ती हैं। फिर बेटी को हौसला बढ़ाते हुए कहती हैं- डरो नहीं, हम सब साथ हैं। तुम्हारे गुनहगारों को हम सजा दिलवाएंगे...। पर, रह रहकर मां की आंखें डबडबा आती हैं।
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लखनऊ में चलती कार में गैंगरेप के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखनऊ के गोमतीनगर निवासी सेवानिवृत्त अफसर की बेटी से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। वजीरगंज थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए कार बरामद कर ली है। आरोपियों ने युवती को जबरन नशीला पदार्थ पिलाकर वारदात को अंजाम दिया और उसे मुंशी पुलिया के पास छोड़कर भाग निकले।
घटना के बाद पीड़िता ही नहीं, उसका पूरा परिवार सदमे में है। मां बेटी को पल भर भी अकेला नहीं छोड़ रही। कहती हैं, चंद सेकंड को हटी तो बेटी ने आत्महत्या की कोशिश की। इतना कहते-कहते वो फफक पड़ती हैं। फिर बेटी को हौसला बढ़ाते हुए कहती हैं- डरो नहीं, हम सब साथ हैं। तुम्हारे गुनहगारों को हम सजा दिलवाएंगे...। पर, रह रहकर मां की आंखें डबडबा आती हैं।
पहले तो पीड़िता की मां ने हमें पत्रकार जानकर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। फिर कहा-आप सभी से आग्रह है कि बेटी का नाम न छापें, क्योंकि हमें उसे इस ट्रॉमा से निकालने में आप सबकी मदद चाहते हैं। इसके बाद वह रो पड़ीं...। आंसू रुके तो बोलीं, डर के मारे हम इस घटना को छिपाने की सोच रहे थे।
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दिल नहीं माना, तो डायल 112 पर फोन किया। एक सिपाही आया और उसने एक रिटायर्ड आईपीएस और आईएएस अफसर से बात करवाई। उन्होंने हमसे कहा कि आप घटना को छिपा कर अपराध कर रही हैं। फिर जोन के एक अधिकारी ने हमें मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा। पुलिस का साथ मिला तो हम लोगों को हिम्मत आई।
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घटना के बाद पीड़िता ही नहीं, उसका पूरा परिवार सदमे में है। मां बेटी को पल भर भी अकेला नहीं छोड़ रही। कहती हैं, चंद सेकंड को हटी तो बेटी ने आत्महत्या की कोशिश की। इतना कहते-कहते वो फफक पड़ती हैं। फिर बेटी को हौसला बढ़ाते हुए कहती हैं- डरो नहीं, हम सब साथ हैं। तुम्हारे गुनहगारों को हम सजा दिलवाएंगे...। पर, रह रहकर मां की आंखें डबडबा आती हैं।
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पहले तो पीड़िता की मां ने हमें पत्रकार जानकर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। फिर कहा-आप सभी से आग्रह है कि बेटी का नाम न छापें, क्योंकि हमें उसे इस ट्रॉमा से निकालने में आप सबकी मदद चाहते हैं। इसके बाद वह रो पड़ीं...। आंसू रुके तो बोलीं, डर के मारे हम इस घटना को छिपाने की सोच रहे थे।
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दिल नहीं माना, तो डायल 112 पर फोन किया। एक सिपाही आया और उसने एक रिटायर्ड आईपीएस और आईएएस अफसर से बात करवाई। उन्होंने हमसे कहा कि आप घटना को छिपा कर अपराध कर रही हैं। फिर जोन के एक अधिकारी ने हमें मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा। पुलिस का साथ मिला तो हम लोगों को हिम्मत आई।
फिलहाल बेटी का इलाज और काउंसिलिंग
मां ने कहा, आमतौर पर लोग कहते हैं कि बेटियां घर से कहीं न निकलें। वो आरोपियों में किसी को जानती थी, हमें नहीं मालूम। साइकोलाॅजी की पढ़ाई कर रही है। अक्सर उस तरफ जाती थी, कई बार मेरे साथ गई। यदि चाय पीती थी तो गलत क्या है? फिलहाल हम इस वक्त उसके इलाज और काउंसिलिंग पर ध्यान देंगे। हम गुनहगारों को सजा दिलाकर रहेंगे...।
मां ने कहा, आमतौर पर लोग कहते हैं कि बेटियां घर से कहीं न निकलें। वो आरोपियों में किसी को जानती थी, हमें नहीं मालूम। साइकोलाॅजी की पढ़ाई कर रही है। अक्सर उस तरफ जाती थी, कई बार मेरे साथ गई। यदि चाय पीती थी तो गलत क्या है? फिलहाल हम इस वक्त उसके इलाज और काउंसिलिंग पर ध्यान देंगे। हम गुनहगारों को सजा दिलाकर रहेंगे...।
डॉक्टर को दिखाने के बाद वह सत्यम की दुकान पर चाय पीने लगी
वहीं, डीसीपी पश्चिम राहुल राज ने बताया कि 22 वर्षीय पीड़िता का केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग में इलाज चल रहा है। वह अक्सर वहां जाती थी। इस दौरान बाहर चाय की दुकान पर काम करने वाले मड़ियांव के सत्यम मिश्र से उसकी जान-पहचान हो गई। पांच दिसंबर को युवती इलाज के लिए वहां पहुंची। डॉक्टर को दिखाने के बाद वह सत्यम की दुकान पर चाय पीने लगी।
इस दौरान उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। युवती ने सत्यम से कहा तो उसने बाजारखाला के मो. असलम (चालक) की एंबुलेंस में मोबाइल चार्जिंग पर लगवा दिया। कुछ देर के बाद युवती ने अपना फोन मांगा तो सत्यम ने बताया कि चालक एंबुलेंस लेकर डालीगंज चला गया है। सत्यम युवती को ई-रिक्शे से डालीगंज लेकर पहुंचा तो युवती को बताया गया है कि एंबुलेंस आईटी चौराहे पर है।
आरोपियों ने विरोध करने पर पीटा
दोनों वहां पहुंचे तो चाय दुकान मालिक बाजारखाला का मो. सुहैल व असलम कार से वहां आ गए। उन्होंने सत्यम व युवती को कार में बैठा लिया। सभी लोग बाराबंकी के सफेदाबाद स्थित ढाबे पर पहुंचे। वहां खाना खाया। आरोपियों ने वहीं पर युवती को जबरन नशीला पदार्थ पिला दिया। युवती नशे में हो गई तो उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और उसके साथ चलती कार में मुंह काला किया। विरोध करने पर युवती की पिटाई भी की।
सामूहिक दुष्कर्म का वीडियो बनाए जाने की आशंका
गोमतीनगर के सेवानिवृत्त अफसर की बेटी से कार में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एडीसीपी सीएन सिन्हा ने बताया कि आरोपी सुहैल और असलम के पास से दो मोबाइल फोन मिले हैं। दोनों के फोन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। युवती का अश्लील वीडियो बनाए जाने की आशंका को देखते हुए उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
गोमतीनगर के सेवानिवृत्त अफसर की बेटी से कार में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एडीसीपी सीएन सिन्हा ने बताया कि आरोपी सुहैल और असलम के पास से दो मोबाइल फोन मिले हैं। दोनों के फोन पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। युवती का अश्लील वीडियो बनाए जाने की आशंका को देखते हुए उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
डीसीपी पश्चिम राहुल राज का कहना है कि घटना के बाद युवती काफी डरी व सहमी थी। इसके चलते उसने शिकायत किसी से नहीं की। पांच दिसंबर को आरोपी वारदात के बाद युवती को मुंशी पुलिया पर छोड़कर भाग निकले। वहां से वह अपनी सहेली के घर पहुंची और सारी बात उसको बताई। फिर किसी तरह अपने घर पहुंची।
इसके बाद रविवार को उसने हिम्मत जुटाई और सारी बात परिजनों को बताई। युवती सबसे पहले शिकायत लेकर विभूतिखंड थाने पहुंची तो घटना के बारे में पश्चिम जोन के अधिकारियों को बताया गया। मामले की गंभीरता देखते हुए वजीरगंज थाने में केस दर्ज किया गया। इसके बाद सोमवार को तीनों आरोपियों को सत्यम, सुहैल और असलम को शिक्षा भवन के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया वारदात में प्रयोग की गई कार असलम के भाई की है।