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Lucknow: सेवानिवृत्त बैंक अफसर को 24 घंटे रखा डिजिटल अरेस्ट, ट्रांसफर करवा लिए 13 लाख रुपये
Sun, 22 Sep 2024 02:56 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 22 Sep 2024 02:56 PM IST
सार
लखनऊ में एक रिटायर्ड बैंक अफसर को डिजिटल अरेस्ट कर साइबर अपराधियों ने उससे 13 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : FREEPIK
विस्तार
साइबर अपराधियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस होने का झांसा देकर सेवानिवृत्त बैंक अफसर सुब्रतो बनर्जी को 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। डरा धमकाकर दूसरे दिन उनको बैंक भेजा और 13 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
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इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने बताया कि 19 सितंबर को आलमबाग निवासी सुब्रतो को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई। इसे उठाने पर वर्दी में एक शख्स नजर आया। उसने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया। सुब्रतो से कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया है। इसलिए आपको डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। न तो कॉल कट करनी है और न ही इस बारे में किसी को कुछ बताना है। सुब्रतो डर गए और जैसा ठग कहता गया वे वैसा करते गए। इंस्पेक्टर का कहना है कि बैंक खातों का विवरण जुटाया जा रहा है।
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फेक वारंट देखकर सहम गए
खुद को अफसर बताने वाले ठग ने अपना फेक आईडी कार्ड सुब्रतो को भेजा था। साथ में एक उनके नाम से फेक वारंट भेजा था। इसे देखकर वह समझे कि अफसर सही है और कार्रवाई हो सकती है।
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सेवानिवृत्त अफसर-कर्मचारियों को बना रहे निशाना
इंस्पेक्टर ने बताया कि सरकारी डॉक्टरों के साथ-साथ अलग-अलग विभाग के सेवानिवृत्त अफसरों व कर्मचारियों को ठग निशाना बना रहे हैं। तीन महीने में ऐसे लोगों से ठगी के तीन दर्जन केस दर्ज किए गए हैं। अंदेशा है कि ठगों के पास इन सभी का डाटा है।
सतर्क रहें, अनजान नंबरों वाली कॉल को नजरअंदाज करें
- सीबीआई, एनआईए, पुलिस आदि का अफसर बनकर अगर कोई आपको कॉल करे तो बिल्कुल भी भरोसा न करें।
- अगर कॉलर कहता है कि मनी लॉन्डि्रंग या ड्रग्स तस्करी में आपको डिजिटल अरेस्ट किया जाता है तो तुरंत कॉल कट कर दें। पुलिस को सूचना दें।
- कॉल करने वाला शख्स अगर कहता है कि आपका बेटा या बेटी अरेस्ट किया गया है, तुरंत रुपये भेजे तो छोड़ दिया जाएगा तो तत्काल समझ जाएं कि ये कॉल साइबर अपराधी ने ठगी के लिए की है। झांसे में न आएं।
- 92 कोड वाले नंबर की कॉल रिसीव न करें। साथ ही व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से आने वाली वीडियो व ऑडियो कॉल को नजरअंदाज करें।