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लखनऊ: अंसल मामले में आज जुटेंगे पांच हजार पीड़ित खरीदार, विधायक राजेश्वर सिंह भी होंगे शामिल, उठेंगे ये मुद्दे

Mon, 03 Mar 2025 09:01 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 03 Mar 2025 09:01 AM IST
सार

Ansal API dispute: अंसल एपीआई के दिवालिया होने के बाद पांच हजार पीड़ित खरीदार आज एकत्रित होकर अपनी समस्याएं बताएंगे। विधायक राजेश्वर सिंह भी इसमें शामिल होंगे। 

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Lucknow: Five thousand aggrieved buyers will gather today in Ansal case, MLA Rajeshwar Singh will also partic
अंसल ऑफिस के बाहर पीड़ित। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में अंसल प्रापर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ दिवालिया की कार्रवाई शुरू होने के बाद सोमवार दोपहर दो बजे एक बार फिर टाउनशिप में खरीदार और निवेशक जुटेंगे। कंपनी पर कार्रवाई का असर टाउनशिप में जमीन, मकान खरीदने वाले ऐसे करीब पांच हजार लोगों पर पड़ा है, जिनसे अंसल ने कई हजार करोड़ रुपये तो लिए मगर जमीन और मकान नहीं दिए। यहां सरोजनी नगर के भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह भी आएंगे और लोगों की परेशानी सुनेंगी।

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निवेशक और खरीददार गगन टंडन, अनुपम मिश्रा और मनीष कुमार ने बताया कि एनसीएलटी की कार्रवाई के बाद शहीद पथ स्थित अंसल एपीआई हाईटेक टाउनशिप में कंपनी का जो ऑफिस था, वह बंद है। यहां के कर्मचारी ताला बंद कर भाग गए हैं। शनिवार को कार्यालय पर ताला देख करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया गया। सोमवार को फिर वहां सभी लोग जुटेंगे और सभा करेंगे। भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह भी आएंगे। सब मिलकर यह तय करेंगे कि आगे क्या कदम उठाया जाए।

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सभा में उठ सकते हैं ये मुद्दे

-हाईटेक टाउनशिप विकसित करने के लिए अंसल और एलडीए की बीच एमओयू हुआ है। ऐसे में शासन एलडीए को अधूरी टाउनशिप को विकसित करने का अधिकार दे ताकि वहां निवेश करने वालों को जमीन-मकान मिल सके।
- एलडीए के पास कंपनी ने नियमों के तहत जो जमीन बंधक रखी थी, उसे एलडीए बेचकर पैसा जमा कराए।
- एनसीएलटी के आदेश को लेकर खरीदार और निवेशक सुप्रीम कोर्ट और एनसीएलटी कोर्ट में अपील करने का प्रस्ताव लाएंगे।
- अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने की कार्रवाई महज 83 करोड़ रुपये के बकाया के लिए की गई है, जबकि टाउनशिप में कई हजार करोड़ की जमीन अभी खाली है। ऐसे में शासन एनसीएलटी में पैसा जमा कराए क्योंकि हाईटेक टाउनशिप विकसित करने के लिए अंसल का चुनाव शासन ने ही किया था।

बैठक से पहले साजिश, व्हाट्सएप ग्रुप डिलीट

अंसल पर दिवालिया की कार्रवाई के परेशान आवंटियों और निवेशकों ने तीन दिन पहले आपस में सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। आरोप है कि इसमें कंपनी के भी कुछ लोग जुड़ गए और रविवार की शाम ग्रुप को डिलीट कर दिया। आवंटी गगन टंडन ने बताया गया कि ग्रुप में अधिक से अधिक आवंटी जोड़े जा सके इसके लिए सभी को ग्रुप एडमिन बनाया गया था। इसका फायदा उठाते हुए किसी ने सोमवार की बैठक से पहले ग्रुप ही डिलीट कर दिया। यह कंपनी के ही लोगों की साजिश है।

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