फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   lucknow farmers protest update gherao up assembly water cannon use many apprehend

गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी न होने से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन, पराली जलाकर जताया विरोध

Thu, 12 Dec 2019 04:12 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 12 Dec 2019 04:12 PM IST
विज्ञापन
lucknow farmers protest update gherao up assembly water cannon use many apprehend
लखनऊ में गन्ना किसानों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

गन्ना मूल्य बढ़ोतरी न होने के विरोध में बुधवार सुबह सवा पांच बजे भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बापू भवन के निकट धान की पराली और गन्ने की होली जलाकर प्रदर्शन किया। वहीं, दूसरी ओर किसानों ने देवा रोड पर जाम लगाकर सरकार विरोधी नारे लगाए।

विज्ञापन


भाकियू कार्यकर्ताओं ने सुबह 5.15 बजे ओसीआर बिल्डिंग से विधानभवन की ओर कूच कर किया तो पुलिस ने बापू भवन के पास बैरीकेडिंग से पहले ही उन्हें रोक लिया। इस पर किसानों ने बापू भवन चौराहे के बीच गन्ना व धान की पराली जलाकर किसानों की बदहाली की तरफ सरकार का ध्यान खींचा। पुलिस ने भाकियू जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह व अन्नू यादव समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
विज्ञापन


किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को दिया। इसमें गन्ना मूल्य बढ़ाने के साथ ही ब्याज समेत बकाया भुगतान दिलाने और गन्ना पर्चियों की व्यवस्था ठीक करने की मांग की। जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह ने कहा कि मांगे नहीं माने जाने पर किसान 21 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर हल क्रांति आंदोलन शुरू करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, भाकियू के मंडल अध्यक्ष बीती रात विधानभवन पर प्रदर्शन के लिए गन्ना व धान लेकर आ रहे थे। पुलिस व प्रशासन ने रात में एक बजे उन्हें देवा रोड पर नौबस्ता में किसान भवन पर ही रोक दिया। बुधवार सवेरे उनकी अगुवाई में किसानों ने देवा रोड पर जाम लगाकर धान व गन्ने की होली जलाई। भाकियू नेता हरिनाम वर्मा ने कहा कि सरकार किसानों को आत्महत्या के रास्ते पर ले जा रही है। किसानों की मेहनत से रिकवरी बढ़ने के बावजूद पूरा लाभ पूंजीपतियों को दिया जा रहा है।

किसानों की प्रमुख मांगें

गन्ना मूल्य 450 रुपये क्विंटल घोषित हो, लागत मूल्य में 50 फीसदी जोड़कर समर्थन मूल्य तय हो, एमएसपी से कम दाम पर धान की खरीद को अपराध घोषित किया जाए। मेंथा को फसल का दर्जा देकर मंडी शुल्क माफ करें, आलू, गन्ना व धान के किसानों के बोनस दें, आवारा पशुओं पर रोक लगाई जाए, मूल्य स्थिरीकरण कोष की स्थापना हो ताकि न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रेट पर फसल बिकने पर भरपाई हो सके। बढ़ी हुई बिजली दरें वापस लें, किसान आय आयोग का गठन हो और आंदोलनों के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे सरकार वापस लें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed