लखनऊ: रोजगार मेला 30 अप्रैल को, बीटेक पास युवाओं को मिल सकेगी नौकरी; आईटीआई वाले के लिए भी मौके
Jobs in UP: यूपी की राजधानी लखनऊ में रोजगार मेला का आयोजन किया जाएगा। इसमें आईटीआई और बीटेक पास युवाओं को नौकरी मिल सकेगी।
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आईटीआई और बीटेक की डिग्री है, लेकिन नौकरी के लिए भटक रहे हैं। ऐसे युवाओं के लिए अलीगंज स्थित राजकीय प्रौद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में 30 अप्रैल को रोजगार मेला लगेगा। इसमें 18 से 30 साल के युवाओं को 20 हजार रुपये तक की नौकरी मिलने की संभावना है।
आईटीआई के प्लेसमेंट अधिकारी एमए खान के मुताबिक, रोजगार मेले में रायल इनफील्ड, मारुति सुजुकी, माइक्रोसॉफ्ट, शालीमार लिमिटेट, भगवती प्रोडक्ट सहित छह कंपनियां हिस्सा लेंगी। यहां एक हजार पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा। लखनऊ, गुजरात, तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों की कंपनियों में युवाओं का चयन होगा।
10वीं, 12वीं, आईटीआई, बीटेक, स्नातक व डिप्लोमा धारक युवाओं को रोजगार मेले में प्राथमिकता दी जाएगी। कंपनी में वेतन के साथ ही लंच, पीएफ, ट्रासंपोर्ट और मेडिकल भी सुविधा मिलेगी।
केजीएमयू कराएगा नैक ग्रेडिंग का पूर्नमूल्यांकन
किंग जाॅर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यांकन परिषद (नैक)में मिले ग्रेड के खिलाफ पूर्नमूल्यांकन के लिए आवेदन करेगा। राज्यपाल की अध्यक्षता में शनिवार को राजभवन में इसकी समीक्षा बैठक हुई।
केजीएमयू को पिछले साल हुए नैक के निरीक्षण में ए प्लस ग्रेड मिला था। केजीएमयू प्रशासन अब इससे बेहतर ग्रेड के लिए प्रयास कर रहा है। इसके लिए नए सिरे से प्रगति रिपोर्ट दाखिल की जा रही है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल खुद इसकी समीझा कर रहीं है। बैठक में केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के साथ ही राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डाॅ.सुधीर महादेव बोबडे, विशेष कार्याधिकारी डाॅ. पंकज एल जानी और केजीएमयू के डाॅ.सुधीर सिंह माैजूद रहे।
दर्दरहित प्रसव और रजोनिवृत्ति की समस्याओं पर हो शोध
बैठक के दाैरान राज्यपाल ने केजीएमयू से ग्रेड के साथ ही सामाजिक स्वास्थ्य समस्याओं पर शोध करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि केजीएमयू प्रशासन को दर्द रहित प्रसव के क्षेत्र में शोध करना चाहिए। इसी तरह मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) पर शोध के साथ ही इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्देश भी उन्होंने दिया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को गर्भावस्था और प्रसव से जुड़े मुद्दों पर बच्चियों और भावी माता-पिता, दोनों को प्रशिक्षित करने को कहा। बैठक के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को स्लो लर्नर्स की पहचान कर उनके लिए विशेष व्यवस्था करने की बात कही।