{"_id":"5f658fa18ebc3eee0712789d","slug":"lucknow-dm-abhishek-prakash-surprise-inspection-of-integrated-control-and-command-center-and-called-the-patients","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"‘हैलो, डीएम बोल रहा हूं, मेडिसिन किट प्राप्त हुई या नहीं?, जांच के लिए किसी ने पैसा तो नहीं लिया...’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘हैलो, डीएम बोल रहा हूं, मेडिसिन किट प्राप्त हुई या नहीं?, जांच के लिए किसी ने पैसा तो नहीं लिया...’
Sat, 19 Sep 2020 10:27 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 19 Sep 2020 10:27 AM IST
विज्ञापन
कमांड सेंटर के औचक निरीक्षण के दौरान डीएम अभिषेक प्रकाश
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैलो... इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से डीएम अभिषेक प्रकाश बोल रहा हूं, आप रेणुका जी बोल रही हैं। होम आइसोलेशन में आपका स्वास्थ्य कैसा है। मेडिसिन किट प्राप्त हुई या नहीं? कॉल के बाद जांच को पहुंची टीम ने कोई पैसा तो नहीं लिया?
शुक्रवार को कमांड सेंटर के औचक निरीक्षण को पहुंचे डीएम ने कुछ इसी अंदाज में पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं का रियलिटी चेक किया।
रायबरेली रोड निवासी रेणुका पाल को तो पहले इस बात का भरोसा ही नहीं हो पाया कि डीएम उनका हालचाल ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें दवा की किट प्राप्त हो गई है। साथ ही निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कॉल करके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी लगातार पूछी जा रही है।
विज्ञापन
डीएम ने अलग-अलग नंबरों पर कॉल कर एंबुलेंस, हॉस्पिटल एडमिशन, डोर स्टेप मेडिसिन डिलीवरी इत्यादि कार्यों से जुड़ी सेवाओं को कॉलिंग एजेंट बनकर खुद परखा। इस दौरान कुछ लोगों ने एंबुलेंस आने में काफी देरी होने और फिर हॉस्पिटल एडमिशन में भी लंबे इंतजार की परेशानी बताई।
विज्ञापन
शुक्रवार को कमांड सेंटर के औचक निरीक्षण को पहुंचे डीएम ने कुछ इसी अंदाज में पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं का रियलिटी चेक किया।
विज्ञापन
रायबरेली रोड निवासी रेणुका पाल को तो पहले इस बात का भरोसा ही नहीं हो पाया कि डीएम उनका हालचाल ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें दवा की किट प्राप्त हो गई है। साथ ही निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से कॉल करके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी लगातार पूछी जा रही है।
विज्ञापन
डीएम ने अलग-अलग नंबरों पर कॉल कर एंबुलेंस, हॉस्पिटल एडमिशन, डोर स्टेप मेडिसिन डिलीवरी इत्यादि कार्यों से जुड़ी सेवाओं को कॉलिंग एजेंट बनकर खुद परखा। इस दौरान कुछ लोगों ने एंबुलेंस आने में काफी देरी होने और फिर हॉस्पिटल एडमिशन में भी लंबे इंतजार की परेशानी बताई।
इस फीडबैक के आधार पर उन्होंने सभी सेवाओं का क्रियान्वयन निर्धारित प्रोटोकॉल व तय समय में कराने के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान डीएम ने होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगियों मुकेश राव निवासी इंदिरानगर, प्रभजोत सिंह निवासी गोमतीनगर, रंजीत सिंह निवासी आईआईएम रोड, आशा सिंह निवासी गोमतीनगर व राधा गुप्ता निवासी ऐशबाग आदि को कॉल करके उनके स्वास्थ्य के साथ दवाइयों की किट व परिवार के लोगों की टेस्टिंग आदि के बारे में भी जानकारी हासिल की।
उन्होंने इसके साथ ही पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम की ओर से प्रदान की जा रही सेवाओं से जुड़ी शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई की भी जानकारी हासिल की। उन्होंने कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में तैनात अफसरों व पूरी टीम को फीडबैक के आधार पर प्राप्त होने वाली समस्त समस्याओं के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल निस्तारित कराने का निर्देश भी दिया।
उन्होंने इसके साथ ही पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम की ओर से प्रदान की जा रही सेवाओं से जुड़ी शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई की भी जानकारी हासिल की। उन्होंने कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में तैनात अफसरों व पूरी टीम को फीडबैक के आधार पर प्राप्त होने वाली समस्त समस्याओं के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल निस्तारित कराने का निर्देश भी दिया।