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लखनऊ : सुबह अंतिम संस्कार के लिए रात में ही तैयार कराएंगे चिताएं
Mon, 12 Apr 2021 01:04 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 12 Apr 2021 01:04 PM IST
सार
- नगर निगम ने 70 नए प्लेटफॉर्म का भी निर्माण शुरू कराया
- बैकुंठ धाम का निरीक्षण करने पहुंचे नगर आयुक्त
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चिता
- फोटो : फाइल
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विस्तार
कोरोना की वजह से हो रहीं मौतों के बाद शवों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तेज करने के लिए नगर निगम अब रात में ही चिताओं को तैयार करा देगा। इससे सुबह के समय मिलने वाले शवों का अंतिम संस्कार बिना देरी किया जा सकेगा। ऐसा अभी तक कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार में हो रही देरी को खत्म करने के लिए किया गया है। वहीं 70 नए प्लेटफॉर्म का निर्माण भी नगर निगम ने गुलाला घाट और भैंसाकुंड पर शुरू करा दिया है।
नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठने के बाद रविवार को नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी बैकुंठ धाम का निरीक्षण करने पहुंचे। उनका कहना है कि लखनऊ में कोविड-19 केसों के साथ मुत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है। इसकी वजह से शवदाह गृह पर बड़ी संख्या में शव आ रहे हैं। इसकी वजह से शवों के अंतिम संस्कार में देरी का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार को 20 प्लेटफॉर्म बनवा कर लकड़ियों से कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार शुरू करा दिया गया था। इससे शाम 4 बजे तक सभी शवों का अंतिम संस्कार हो गया। अब भैंसाकुंड पर 50 नए शवदाह प्लेटफॉर्म बनवाने का काम शुरू करा दिया गया है। वहीं गुलालाघाट पर भी 20 प्लेटफॉर्म का काम रविवार को शुरू करा दिया गया।
दो पाली में कर्मचारियों की ड्यूटी
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 शवों के दाह संस्कार के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था करने में भी कठिनाई आ रही थी। कर्मचारियों के माध्यम से शव को चिता पर ले जाया जाता है। कोविड-19 संक्रमण के चलते अब 100 कर्मचारी यहां बढ़ाए गए हैं। अब दो पाली में उनकी ड्यूटी यहां रहेगी। सफाई के लिए अलग से कर्मचारी रहेंगे। वहीं पीने के पानी के लिए भी नया वाटर कूलर लगा दिया गया है।
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नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठने के बाद रविवार को नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी बैकुंठ धाम का निरीक्षण करने पहुंचे। उनका कहना है कि लखनऊ में कोविड-19 केसों के साथ मुत्यु दर में भी वृद्धि हो रही है। इसकी वजह से शवदाह गृह पर बड़ी संख्या में शव आ रहे हैं। इसकी वजह से शवों के अंतिम संस्कार में देरी का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार को 20 प्लेटफॉर्म बनवा कर लकड़ियों से कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार शुरू करा दिया गया था। इससे शाम 4 बजे तक सभी शवों का अंतिम संस्कार हो गया। अब भैंसाकुंड पर 50 नए शवदाह प्लेटफॉर्म बनवाने का काम शुरू करा दिया गया है। वहीं गुलालाघाट पर भी 20 प्लेटफॉर्म का काम रविवार को शुरू करा दिया गया।
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दो पाली में कर्मचारियों की ड्यूटी
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कोविड-19 शवों के दाह संस्कार के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था करने में भी कठिनाई आ रही थी। कर्मचारियों के माध्यम से शव को चिता पर ले जाया जाता है। कोविड-19 संक्रमण के चलते अब 100 कर्मचारी यहां बढ़ाए गए हैं। अब दो पाली में उनकी ड्यूटी यहां रहेगी। सफाई के लिए अलग से कर्मचारी रहेंगे। वहीं पीने के पानी के लिए भी नया वाटर कूलर लगा दिया गया है।
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