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लखनऊ: भाकियू नेता राकेश टिकैत बोले- कृषि कानून वापसी तो ठीक पर किसानों के बाकी मुद्दों पर लड़ाई जारी रहेगी

Mon, 22 Nov 2021 08:21 AM IST
अनुराग सक्सेना अमित मुद्गल, लखनऊ
अमित मुद्गल, लखनऊ Published by: अनुराग सक्सेना Updated Mon, 22 Nov 2021 08:21 AM IST
सार

अमर उजाला से विशेष बातचीत में टिकैत ने कहा कि यह कोरिया नहीं है कि साहब ने एकतरफा निर्णय सुना दिया। न लागू करने से पहले बात की ओर न वापस लेने से पहले किसानों से मशविरा किया। यह विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां एकतरफा बात चलने वाली नहीं है। बिना किसानों से बातचीत के काम नहीं चलेगा।

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Lucknow: BKU leader Rakesh Tikait said - If the agricultural law is returned, the fight will continue on the remaining issues of the farmers.
राकेश टिकैत, किसान नेता - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानून पर वापसी तो ठीक है, लेकिन इसके चक्कर में किसान इस एक साल में अन्य जरूरी मुद्दों को उठा ही नहीं पाए। अब उन सब मसलों पर लड़ाई जारी रहेगी और अभी आंदोलन समाप्त नहीं होगा। राकेश ने रविवार को लखनऊ में अमर उजाला से विशेष बातचीत की।

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राकेश टिकैत ने कहा कि यह सरकार की सोची समझी साजिश थी। इन कानूनों पर किसानों को पूरा एक साल उलझाए रखा और किसान बिजली दरों, फसलों की खरीद और बाजार, डीजल आदि पर बढ़ती महंगाई, उर्वरकों, कीटनाशकों के बढ़ते दाम जैसे मुद्दों को उठा ही नहीं पाए। अब सभी मुद्दों पर बात होगी।
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टिकैत ने कहा कि यह कोरिया नहीं है कि साहब ने एकतरफा निर्णय सुना दिया। न लागू करने से पहले बात की ओर न वापस लेने से पहले किसानों से मशविरा किया। यह विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां एकतरफा बात चलने वाली नहीं है। बिना किसानों से बातचीत के काम नहीं चलेगा। किसानों की सबसे बड़ी मांग फिलहाल यह है कि एमएसपी पर गारंटी कानून पास किया जाए। उसकी मॉनीटरिंग के लिए कमेटी बनाई जाए और उसमें किसानों को भी शामिल किया जाए। जब यह पूरी तरह से लागू हो जाएगा तब आंदोलन वापसी की बात सोची जाएगी।

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उन्होंने कहा कि सोमवार की महापंचायत में भी यही सब मुद्दे उठाए जाएंगे। इसके आंदोलन के दौरान जो किसान इस दुनिया में नहीं रहे, उनके परिजनों को आर्थिक मदद पर भी तो बात हो। किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस होने चाहिए। किसानों की नीतियां किसानों की सलाह के बिना किसानों पर थोपने नहीं दी जाएंगी।

विपक्ष ने अपनी भूमिका सही निभाई
टिकैत ने कहा कि किस राजनीतिक दल को इससे क्या फायदा मिलेगा इससे किसानों को कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने अपनी लड़ाई लड़ी पर यह बात भी सही है कि इस आंदोलन में विपक्षी दलों ने अपनी भूमिका सही तरीके से निभाई।

जाति, धर्म, जिन्ना से सावधान
राकेश ने कहा कि जनता को सतर्क रहना है। ये चुनाव में जाति, धर्म, जिन्ना में जनता को उलझाएंगे। इसका ध्यान रखना होगा। जिन्होंने मुश्किल समय में देश के खाली कटोरे को गेहूं से भरा, उन्हें खालिस्तानी तक कहा गया। इसके कैसे भुलाया जा सकता है?

यूपी सरकार रखे किसानों का ख्याल
लखनऊ में सोमवार महापंचायत है। राकेश ने कहा कि यूपी सरकार को किसानों का ख्याल रखना चाहिए। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, यूपी समेत तमाम राज्यों के किसान इसमें शामिल होंगे। सरकार को इनके लिए पेयजल आदि का इंतजाम रखना चाहिए। उन्हें असुविधा न हो।

मुल्जिम हैं टेनी, पीएम कैसे पास बैठाते
डीजीपी कांफ्रेंस में पीएम के साथ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के फोटो में न दिखने की बात पर राकेश टिकैत ने कहा कि टेनी मुल्जिम हैं। तिकुनिया प्रकरण के मुल्जिम टेनी को पीएम ने अपने साथ नहीं बिठाया। टेनी को बर्खास्त भी करना चाहिए। महापंचायत में यह मुद्दा भी रहेगा।

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