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Lucknow : पीड़िता से 15 दिन में शादी की शर्त पर दुष्कर्म के आरोपी को जमानत, उसकी बच्ची को भी अपनाना होगा

Sat, 15 Oct 2022 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 15 Oct 2022 05:41 AM IST
सार

Lucknow :इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के मामले में आरोपी को रिहाई के 15 दिन के भीतर पीड़िता से शादी करने और उसकी बच्ची को स्वीकार करने की शर्त पर जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपी हर हाल में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद दुष्कर्म पीड़िता से शादी करे।

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Lucknow : Bail to the accused of misconduct on the condition of marrying the victim in 15 days
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम के मामले में आरोपी को रिहाई के 15 दिन के भीतर पीड़िता से शादी करने और उसकी बच्ची को स्वीकार करने की शर्त पर जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपी हर हाल में जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद दुष्कर्म पीड़िता से शादी करे। पीड़िता की एक बेटी भी है।

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हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि आरोपी विवाह संपन्न होने की तिथि से एक माह की अवधि के भीतर उपयुक्त अधिकारी के समक्ष इसे पंजीकृत कराए। साथ ही पीड़िता और उसकी बच्ची को बतौर पत्नी और बेटी को सभी अधिकार देगा। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश आरोपी मोनू की जमानत अर्जी पर दिया। 
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यह मामला लखीमपुर-खीरी जिले के नीम गांव थाने से संबंधित है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ पीड़िता को बहला-फुसला कर भगा ले जाने, दुष्कर्म करने समेत पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोप हैं। पीड़िता की आयु 17 वर्ष निर्धारित की गई है। उसने बच्ची को भी जन्म दिया है। 
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हाईकोर्ट के आदेश पर बीते 10 अक्तूबर को पीड़िता अपने पिता के साथ कोर्ट में पेश हुई। दोनों ने कोर्ट के समक्ष कहा कि अगर आरोपी हिंदू रीति-रिवाज के साथ पीड़िता के साथ विवाह करे और उस विवाह को पंजीकृत कराए, तो उन्हें आरोपी को जमानत पर  रिहा किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। 

  • अदालत में आरोपी हर पेशी पर हाजिर होगा
  • कार्यवाही टलवाने की कोशिश नहीं करेगा 
  • जमानत की अवधि में किसी भी शर्त का दुरुपयोग नहीं करेगा
  • किसी शर्त के दुरुपयोग पर आरोपी की संपत्ति जब्त की जा सकेगी  
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