Lucknow: ऑनलाइन गेमिंग एप 'रमी' में इंजीनियर ने 65 लाख गंवाए, अकाउंट बंद करने के लिए करता रहा ई-मेल
ऑनलाइन गेमिंग एप की लत में गोमतीनगर निवासी इंजीनियर पीके त्रिपाठी ने 65 लाख रुपये गंवा दिए। रमी कल्चर एप पर अकाउंट बंद कराने की कई कोशिशें नाकाम रहीं। परेशान होकर पीड़ित ने गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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लखनऊ में ऑनलाइन गेमिंग एप की लत ने एक इंजीनियर से उनकी मेहनत की कमाई हड़प ली। आठ साल तक गेम के लत में फंसे गोमतीनगर निवासी पीके त्रिपाठी ने 65 लाख रुपये गंवा दिए। लत से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने रमी कल्चर ऑनलाइन गेमिंग एप को ईमेल कर उनका अकाउंट बंद करने के लिए कहा। कई बार मौखिक और लिखित में शिकायत के बाद भी कंपनी ने उनका अकाउंट बंद नहीं किया। परेशान होकर उन्होंने गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कराया है।
पीके त्रिपाठी के मुताबिक उन्होंने पत्नी के नाम से रमी कल्चर ऑनलाइन गेमिंग एप पर अकांउट बनाया था। वह रमी खेलते थे और धीरे-धीरे इसके लती हो गए। गाढ़ी कमाई गंवाने के बाद उन्हें एहसास हुआ। उन्होंने लत से छुटकारा पाने के उपाय शुरू किए। अकाउंट बंद करने के लिए रमी कल्चर के ईमेल और फोन काॅल से कई बार गुजारिश की।
आरोप है कि रमी कल्चर ने किसी भी परिस्थिति में अकाउंट बंद नही किया। पीड़ित ने लत छोड़ने का सारा उपाय किया। उन्होंने साइबर सेल में भी इसकी शिकायत की। आरोप है कि ऑनलाइन गेम लोगों को आदती बनाकर धोखाधड़ी करके लूट कर रहा हैब्पीड़ित का कहना है कि कंपनी ने एप में ट्रिक कर रखी थी कि कोई खुद को एप पर ब्लॉक कर सकता है, लेकिन खुद ही अनब्लाक भी हो सकता है।
शुरू में दिया लालच तो आ गए झांसे में
गेश्के शुरूआती दौर में पीके त्रिपाठी को कई लुभावने ऑफर दिए गए। कंपनी ने उन्हें कुछ भुगतान भी किया। झांसे में आकर पीड़ित ने गेम खेलना शुरू किया। करीब आठ साल तक वह आरोपियों के चंगुल में फंसे रहे, लेकिन उनका अकाउंट नहीं बंद किया गया। बीच-बीच में कंपनी की ओर से उन्हें दो-चार हजार रुपये भेजे जाते थे ताकि वह दोबारा जाल में फंस सकें। केंद्र सरकार के आदेश के बाद गेमिंग एप बंद हो सका है।
मुझसे चूक हुई, बाकि लोग अलर्ट रहें
पीड़ित का कहना है कि वह कोई नशा नहीं करते हैं, लेकिन ऑनलाइन गेमिंग एप ने उन्हें इस कदर जकड़ रखा था कि वह उससे बाहर नहीं निकल पा रहे थे। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन गेम में झांसे में आकर जीवन भर की कमाई न गंवाएं। लालच में आने से ठग आपको कंगाल कर सकते हैं। उधर, गोमतीनगर पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अतिरिक्त निरीक्षक विनोद कुमार सिंह को दी गई है। छानबीन के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
घर बैठे नौकरी व निवेश के नाम पर तीन से ठगे 54.33 लाख रुपये
साइबर जालसाजों ने घर बैठे नौकरी व निवेश के नाम पर तीन लोगों से 54.33 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है। तालकटोरा के राजाजीपुरम निवासी शरद मिश्रा के अनुसार, कुछ दिन पहले उनके पास व्हाट्सएप पर वर्कफ्रॉम होम का मेसेज आया। इसमें अमेजन की वेबसाइट पर मौजूद उत्पादों के स्क्रीनशॉट लेने का टास्क दिया गया।
उन्होंने काम शुरू किया और बदले में कुछ रुपये भी मिले। इसके बाद जालसाजों ने मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर टेलीग्राम एप जॉइन करवाकर वेबसाइट के जरिये उनसे 11,77,615 रुपये ट्रांसफर करा लिए। उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की तो उनसे रुपये की मांग की गई। छानबीन करने पर उनको ठगी का पता चला।
इसके अलावा, मूल रूप से पीलीभीत के सेरामऊ निवासी रक्तिमा शर्मा मौजूदा समय में परिवार के साथ तालकटोरा राजाजीपुरम ई ब्लॉक में रहती हैं। उनके मुताबिक 9 जुलाई को व्हाट्सएप पर दिशा वर्मा नाम की लड़की का मेसेज आया और ऑनलाइन जॉब के लिए बताया गया।
अमेजन व फ्लिपकार्ट पर मौजूद कपड़ों को रिव्यू देने का टास्क दिया गया
उन्हें अमेजन व फ्लिपकार्ट पर मौजूद कपड़ों को रिव्यू देने का टास्क दिया गया। इस पर एक बार उनके खाते में 937 रुपये आए। इसके बाद ठगों ने मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर उनसे धीरे-धीरे 24,96,000 रुपये जमा करवा लिए। उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो उनकी आईडी बंद कर दी गई।
वहीं, कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी निवासी रमेश चंद्र के अनुसार, 15 सितंबर 2025 को व्हाट्सएप मेसेज आया। इसमें लाइट हाउस सर्किल ग्रुप से जुड़कर निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने की बात कही गई। राजी होने पर जालसाजों ने उनका अकाउंट बनाया और 10 हजार रुपये जमा करने पर एक हजार मुनाफा दिया। इसके बाद उन्होंने 23 सितंबर से 17 अक्टूबर 2025 के बीच 17,60,000 रुपये ठग लिए गए। रमेश ने जब रुपये निकालने का प्रयास किया तो उनके अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया।
इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश यादव ने बताया कि ठगी की रकम जिन-जिन खातों में ट्रांसफर की गई है, उनके बारे में बैंक से पता लगाया जा रहा है। पुलिस उन खातों को फ्रीज कराने का प्रयास कर रही है।