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Lucknow : मां को मोबाइल फोन देकर छात्र ने की खुदकुशी, सुबह जगाने पहुंची तो मिली लाश; जानें मामला...
Tue, 16 Dec 2025 05:29 PM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Tue, 16 Dec 2025 05:29 PM IST
सार
सुबह करीब 6:30 बजे मां शोभना उसको जगाने के लिए कमरे पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला।
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लॉकर से चोरी हुआ था सोना, उपभोक्ता ने जान दी, सुसाइड नोट भी मिला, किसी पर कोई आरोप नहीं
विस्तार
लखनऊ के जानकीपुरम सेक्टर-सी निवासी कक्षा नौ के छात्र आर्यन जायसवाल (16) ने घर के तीसरे तल स्थित कमरे में रस्सी के सहारे पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मंगलवार सुबह स्कूल जाने के लिए जगाने पहुंची मां को बेटे का शव फंदे से लटका मिला। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। कमरे में सोने जाने से पहले आर्यन मां को अपना मोबाइल देकर गया था।
आर्यन के पिता महेंद्र प्रताप जायसवाल की सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। परिवार में मां शोभना, जुड़वा बहने रोजी, जैस्मीन और दादी संतोष हैं। आर्यन सिटी मांटेसरी स्कूल में कक्षा नौ का छात्र था। फैजुल्लागंज निवासी मामा दीपू जायसवाल के अनुसार सोमवार रात को खाना खाने के बाद आर्यन घर के तीसरे तल पर बने कमरे में सोने की बात कहकर चला गया।
सुबह करीब 6:30 बजे मां शोभना उसको जगाने के लिए कमरे पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने बगल की खिड़की से झांक कर देखा तो आर्यन का शव फंदे से लटका था। शोर सुन परिवार के अन्य लोग भी पहुंच गए।
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पिता महेंद्र ने खिड़की की जाली काटकर बेटे के शव को नीचे उतारा। सूचना पर जानकीपुरम पुलिस व फॉरेंसिक टीम भी पहुंच गई। एसीपी अलीगंज अरीब खान ने बताया कि आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है। मामा दीपू का कहना है कि रात में कमरे में जाने से पहले आर्यन मां को अपना मोबाइल फोन देकर गया था।
आर्यन दादी संतोष का दुलारा था। वह रोजाना उसका स्कूल से आने का इंतजार बाहर करती थी। आज भी वह घर के बाहर बैठी एक ही रट लगाए थी कि स्कूल में छुट्टी हो गई है, आर्यन आने वाला है। उनको बदहवास देख साथ खड़ी कॉलोनी की महिलाओं की आंखे नम हो गई। कॉलोनी वालों न बताया कि आर्यन अक्सर अपनी दादी को लेकर घर के बाहर टहलता था।
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आर्यन के पिता महेंद्र प्रताप जायसवाल की सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। परिवार में मां शोभना, जुड़वा बहने रोजी, जैस्मीन और दादी संतोष हैं। आर्यन सिटी मांटेसरी स्कूल में कक्षा नौ का छात्र था। फैजुल्लागंज निवासी मामा दीपू जायसवाल के अनुसार सोमवार रात को खाना खाने के बाद आर्यन घर के तीसरे तल पर बने कमरे में सोने की बात कहकर चला गया।
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सुबह करीब 6:30 बजे मां शोभना उसको जगाने के लिए कमरे पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। उन्होंने बगल की खिड़की से झांक कर देखा तो आर्यन का शव फंदे से लटका था। शोर सुन परिवार के अन्य लोग भी पहुंच गए।
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पिता महेंद्र ने खिड़की की जाली काटकर बेटे के शव को नीचे उतारा। सूचना पर जानकीपुरम पुलिस व फॉरेंसिक टीम भी पहुंच गई। एसीपी अलीगंज अरीब खान ने बताया कि आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है। मामा दीपू का कहना है कि रात में कमरे में जाने से पहले आर्यन मां को अपना मोबाइल फोन देकर गया था।
हाईस्कूल में 98 प्रतिशत अंक लाने का किया था वादा
मामा दीपू ने बताया कि आर्यन पढ़ने में अच्छा था। स्कूल के प्री एक्जाम में 78 प्रतिशत नंबर आये थे। उसने हाईस्कूल में 98 प्रतिशत नंबर लाने का वादा किया था। घरवालों का भी पढ़ाई को लेकर आर्यन पर कोई दबाव नहीं था।पंचिंग बैग बनाने के लिए लाया था रस्सी
घरवालों के मुताबिक, आर्यन पंचिंग बैग बना रहा था। इसके लिए ही रस्सी व अन्य सामान खरीद कर लाया था। बैग बनाने के लिए खरीदी गई रस्सी से उसने लटक कर जान दे दी। आर्यन की आत्महत्या की खबर पाकर कॉलोनी के लोग उसके घर जमा हो गए। लोगों का कहना है कि वह बहुत ही शांत व सरल व्यवहार का था। स्कूल से आर्यन आ रहा है।आर्यन दादी संतोष का दुलारा था। वह रोजाना उसका स्कूल से आने का इंतजार बाहर करती थी। आज भी वह घर के बाहर बैठी एक ही रट लगाए थी कि स्कूल में छुट्टी हो गई है, आर्यन आने वाला है। उनको बदहवास देख साथ खड़ी कॉलोनी की महिलाओं की आंखे नम हो गई। कॉलोनी वालों न बताया कि आर्यन अक्सर अपनी दादी को लेकर घर के बाहर टहलता था।