{"_id":"66ced564aa60308da209dd14","slug":"lucknow-a-man-coined-a-fake-story-of-loot-exposed-2024-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow: गेमिंग में 18 लाख रुपये हारा तो रची लूट की फर्जी कहानी, दरोगा-सिपाही पर लगाए आरोप, ऐसे खुली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow: गेमिंग में 18 लाख रुपये हारा तो रची लूट की फर्जी कहानी, दरोगा-सिपाही पर लगाए आरोप, ऐसे खुली पोल
Wed, 28 Aug 2024 01:18 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 28 Aug 2024 01:18 PM IST
सार
बांदा के रहने वाले एक शख्स ने कृष्णानगर कोतवाली में तहरीर दी थी। जांच में सामने आया कि आरोपी पर कर्ज लौटाने का दबाव था जिसके कारण उसने साजिश रची।
विज्ञापन
आरोपी अरविंद।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांदा के एक शख्स ने पुलिस कर्मियों पर पांच लाख रुपये लूटने का आरोप लगाया। जांच हुई तो खुलासा हुआ कि वह ऑनलाइन गेमिंग में 18 लाख रुपये हार गया था। उस पर लाखों रुपये का कर्ज था। इसलिए उसने लूट की फर्जी कहानी रची। सरोजनीनगर पुलिस ने आरोपी पर एफआईआर दर्ज कर मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
बांदा निवासी अरविंद गौतम ने सरोजनीनगर थाने में तहरीर दी थी कि वह 20 अगस्त को लखनऊ आया था। रात करीब नौ बजे ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन के पास खड़ा था। तभी एक दरोगा व सिपाही आए और उसकी कार की तलाशी ली। कार से पांच लाख रुपये लेकर चले गए। धमकी दी कि अगर किसी से कुछ कहा तो जेल भेज देंगे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की तो उम्रकैद तक की सजा, डिजिटल मीडिया नीति मंजूर
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - बॉर्डर पर तैनात अग्निवीर की संदिग्ध हालात में मौत, भाई बोला- कल ही बात हुई तब तो ठीक था
डीसीपी साउथ केशव कुमार ने बताया कि मामले की जांच सरोजनीनगर इंस्पेक्टर को दी गई। इसमें पता चला कि अरविंद ऑनलाइन गेमिंग का लती है। करीब 18 लाख रुपये हार चुका है। इसमें तमाम रकम अपने रिश्तेदारों व परिचितों से उधार लेकर लगाई। उस पर रुपये लौटाने का दबाव पड़ रहा था, इसलिए लूट की कहानी रची।
मोबाइल नंबर की लोकेशन से खुली पोल
पुलिस ने सबसे पहले अरविंद के मोबाइल नंबर की लोकेशन ली। इससे पता चला कि जिस वक्त की वह घटना होने का दावा कर रहा है उस दौरान बांदा में ही था। पुलिस ने इसकी तस्दीक भी कर ली। बाद में उसने लखनऊ आकर सीधे थाने में तहरीर दी थी। फुटेज से भी घटना का होना नहीं पाया गया। तब पुलिस ने अरविंद से सख्ती से पूछताछ की तो उसने साजिश कबूली। इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति ने बताया कि गिरफ्तारी की धाराएं नहीं थीं, इसलिए नोटिस देकर आरोपी को छोड़ा गया।