फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: A businessman of Aminabad commits suicide.

Lucknow: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर व्यापारी ने फांसी लगा दी जान, आरोपी हिरासत में लिया गया

Tue, 02 Jul 2024 01:42 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 02 Jul 2024 01:42 PM IST
सार

लखनऊ के अमीनाबाद के एक व्यापारी ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में खस्ता व्यापारी ध्रुव साहू पर आरोप लगाया है। आरोपी को हिरासत में लिया गया है।

विज्ञापन
Lucknow: A businessman of Aminabad commits suicide.
व्यापारी संजय अग्रवाल। - फोटो : amar ujala

विस्तार

खस्ता व्यापारी ध्रुव साहू अवैध रूप से कमेटी चलाता है। वह मेरे लाखों रुपये हड़प चुका है। रकम वापस नहीं कर रहा है। मांगने पर धमकी देकर पूरे परिवार को अपमानित करता है, इसलिए मैं जान दे रहा हूं। इसका जिम्मेदार मैं खुद हूं। परिवार से कोई मतलब नहीं है... सुसाइड नोट में ये बातें लिखकर अमीनाबाद के मॉडल हाउस इलाके में रहने वाले व्यापारी संजय अग्रवाल ने सोमवार सुबह दुकान में फांसी लगा ली।

विज्ञापन


संजय (54) की घर में ही परचून की दुकान है। परिवार में पत्नी गीतिका व बेटा यश है। परिजनों के मुताबिक सोमवार सुबह करीब पांच बजे संजय दुकान खोलने गए। कुछ देर बाद आसपास के लोगों ने शटर बंद देख संजय को आवाज देना शुरू किया। यह सुनकर गीतिका और यश बालकनी में आए तो लोगों ने उनसे संजय के बारे में पूछा। इस पर दोनों तुरंत नीचे आए तो देखा शटर गिरा हुआ है। यश शटर खोलकर भीतर गए तो वहां संजय फंदे पर लटकते मिले। एडीसीपी सेंट्रल मनीषा सिंह ने बताया कि बरामद सुसाइड नोट में ध्रुव साहू नाम के शख्स पर आरोप लगाए गए हैं। उस पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
विज्ञापन


चल रही थीं सांसें, अस्पताल पहुंचते थम गईं
परिजनों के मुताबिक जब संजय को फंदे से उतारा तो उनकी सांसें चल रही थीं। आननफानन उन्हें सिविल अस्पताल ले गए। वहां पहुंचते ही संजय की सांसें थम गईं। संजय की मौत से पत्नी, बेटा बदहवास हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


सबकुछ ठीक था, ये कैसे हो गया...
परिजनों ने बताया कि शनिवार रात संजय परिवार के साथ सीतापुर रोड स्थित ढाबे पर खाना खाने गए थे। लौटने के बाद सो गए। सुबह रोजाना की तरह दुकान खोलने चले गए। उन्होंने कब सुसाइड नोट लिखा? उनके मन में क्या चल रहा था? कुछ पता नहीं चल सका। समझ नहीं आया कि रात तक सबकुछ ठीक था फिर अचानक ऐसा क्यों कर लिया। परिजन सदमे में हैं।

ब्लैंक चेक लिए, खराब कर रहा था परिवार की छवि
सुसाइड नोट के मुताबिक संजय खस्ता व्यापारी ध्रुव साहू के पास कमेटी का पैसा जमा करते थे। उसके पास काफी रकम जमा हो गई थी, लेकिन वह उनका पैसा नहीं दे रहा था। इसके अलावा वह संजय पर ही पैसा देने का दबाव बना रहा था। उनसे ब्लैंक चेक भी ले लिए थे। नोट में लिखा कि धमकी देने के साथ ध्रुव दुकान पर आकर गलत तरीके से वीडियो बनाकर वायरल कर देता था। इससे पूरे परिवार की छवि खराब होती थी। एडीसीपी का कहना है कि वीडियो के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, सुसाइड नोट में लेनदेन की रकम का जिक्र नहीं है।

27 जून को धमकाया था
परिजनों ने बताया कि ध्रुव 27 जून को एक साथी के साथ दुकान पर आया था। उसने संजय को धमकाया था। वह रुपये देने के लिए दबाव बना रहा था। इसे लेकर संजय परेशान थे।


एक और कमेटी का हड़प गया पैसा
संजय ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह अनिल अग्रवाल की भी कमेटी का पैसा ध्रुव को देते रहे थे। उस रकम को भी वह हड़प गया, इसलिए संजय और परेशान थे। आखिर में लिखा कि ध्रुव की वजह से वह समाज के कर्जदार हो गए। लिए गए कर्ज का जिम्मेदार मैं स्वयं हूं। परिवार देनदार नहीं होगा।

सुसाइड नोट की होगी फोरेंसिक जांच
डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी ने कहा कि सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। साक्ष्य जुटाने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed