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लखनऊ : यूपी के पासपोर्ट पर 11 गुजरातियों ने की विदेश यात्रा, जांच में मिला फर्जीवाड़ा
Tue, 13 Apr 2021 10:43 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 13 Apr 2021 10:43 PM IST
सार
जालसाजों ने लखनऊ निवासी अब्दुल कादिर, अंबेडकरनगर निवासी सत्येंद्र कुमार यादव, रोहित कुमार व राम कैलाश, बलिया निवासी सुरेंद्र, मऊ निवासी रामानंद, कानपुर नगर निवासी शिवा प्रजापति, अयोध्या निवासी विश्वास व मायाराम वर्मा, जौनपुर निवासी धर्मेंद्र जायसवाल और कुशीनगर निवासी रामजी चौहान के पासपोर्ट में छेड़छाड़ की थी।
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भारतीय पासपोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social media
विस्तार
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से जारी नंबरों पर फर्जीवाड़ा कर 11 गुजरातियों के विदेश यात्रा करने का खुलासा हुआ है। इन्होंने वर्ष 2017 में कनाडा की यात्री की थी। संदेह होने पर वहां के उच्चायोग ने 39 भारतीय नागरिकों के पासपोर्ट जमा कराकर जांच के लिए विदेश मंत्रालय भारत सरकार को भेजा दिया था। क्योंकि सभी पासपोर्ट पर अहमदाबाद का पता दर्ज था।
जब वहां जांच शुरू हुई तो पता चला कि 11 पासपोर्ट लखनऊ के क्षेत्रीय कार्यालय से जारी किए गए थे। तब जांच लखनऊ को भेज दी गई है। जब क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ ने इसकी जांच की तो फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ। इसके बाद कार्यालय में तैनात वरिष्ठ अधीक्षक संदीप शुक्ला ने गोमतीनगर थाने में तहरीर दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शुक्ला की तहरीर के मुताबिक जांच में सभी पासपोर्ट पर दर्ज नाम व पते अलग पाए गए। इतना ही नहीं, पासपोर्ट धारक की जो तस्वीर लगी थी तो वह भी कंप्यूटर रिकॉर्ड से अलग थी। इसके पासपोर्ट धारकों को नोटिस देकर पक्ष रखने के लिए कहा गया।
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मगर सिर्फ तीन पासपोर्ट धारकों ने पक्ष रखा। क्षेत्रीय कार्यालय ने 25 सितंबर 2020 को पूरे मामले की रिपोर्ट विदेश मंत्रालय को भेज दिया। इस पर 19 अक्तूबर 2020 को मंत्रालय ने मुकदमा दर्ज कराकर जांच कराने की संस्तुति की गई। इसके बाद संदीप शुक्ला ने तहरीर दी।
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जब वहां जांच शुरू हुई तो पता चला कि 11 पासपोर्ट लखनऊ के क्षेत्रीय कार्यालय से जारी किए गए थे। तब जांच लखनऊ को भेज दी गई है। जब क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ ने इसकी जांच की तो फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ। इसके बाद कार्यालय में तैनात वरिष्ठ अधीक्षक संदीप शुक्ला ने गोमतीनगर थाने में तहरीर दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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शुक्ला की तहरीर के मुताबिक जांच में सभी पासपोर्ट पर दर्ज नाम व पते अलग पाए गए। इतना ही नहीं, पासपोर्ट धारक की जो तस्वीर लगी थी तो वह भी कंप्यूटर रिकॉर्ड से अलग थी। इसके पासपोर्ट धारकों को नोटिस देकर पक्ष रखने के लिए कहा गया।
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मगर सिर्फ तीन पासपोर्ट धारकों ने पक्ष रखा। क्षेत्रीय कार्यालय ने 25 सितंबर 2020 को पूरे मामले की रिपोर्ट विदेश मंत्रालय को भेज दिया। इस पर 19 अक्तूबर 2020 को मंत्रालय ने मुकदमा दर्ज कराकर जांच कराने की संस्तुति की गई। इसके बाद संदीप शुक्ला ने तहरीर दी।
यूपी के इन लोगों के पासपोर्ट में की गई थी छेड़छाड़
जालसाजों ने लखनऊ निवासी अब्दुल कादिर, अंबेडकरनगर निवासी सत्येंद्र कुमार यादव, रोहित कुमार व राम कैलाश, बलिया निवासी सुरेंद्र, मऊ निवासी रामानंद, कानपुर नगर निवासी शिवा प्रजापति, अयोध्या निवासी विश्वास व मायाराम वर्मा, जौनपुर निवासी धर्मेंद्र जायसवाल और कुशीनगर निवासी रामजी चौहान के पासपोर्ट में छेड़छाड़ की थी। फिर उसे अहमदाबाद के निवासियों ने नाम बना दिया था।
गुजरात के 11 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-एसएम कासिम आबिदी, एडीसीपी पूर्वी
गुजरात के 11 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-एसएम कासिम आबिदी, एडीसीपी पूर्वी