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‘पढ़े लखनऊ’ में लविवि ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, दीपावली से पहले राजभवन में मिलेगा प्रमाणपत्र
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लखनऊ विश्वविद्यालय ने ‘पढ़े लखनऊ’ के तहत एक अक्तूबर को किए गए सामूहिक पुस्तक पाठ में विश्व रिकॉर्ड बनाया है। वर्ल्ड रिकॉर्ड फॉर बुक रीडिंग संस्था ने लविवि के दावे पर अपनी मुहर लगा दी है। इसी महीने दीपावली से पहले राजभवन में इसका प्रमाणपत्र दिया जाएगा। राज्यपाल के निर्देश के बाद लविवि ने ‘पढ़े लखनऊ’ कार्यक्रम का आयोजन किया था। लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने शनिवार को यह जानकारी दी।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर राजधानी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सुबह 11 बजे से 11 बजकर 45 मिनट के बीच हर महीने की पहली तारीख को किताब पढ़ने का निर्देश दिया गया है। लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह को इस कार्यक्रम का नोडल अधिकारी बनाया गया है। एक अक्तूबर को गांधी जयंती से एक दिन पहले इसका शुभारंभ किया गया। पहले दिन इस अभियान में नौ लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने एक साथ किताबें पढ़ीं। वर्ल्ड रिकॉर्ड फॉर बुक रीडिंग संस्था की 27 टीमों ने इसका निरीक्षण किया था। विवि ने इसके बाद रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया। संस्था ने लविवि के रिकॉर्ड को मान्यता दे दी है।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर राजधानी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में सुबह 11 बजे से 11 बजकर 45 मिनट के बीच हर महीने की पहली तारीख को किताब पढ़ने का निर्देश दिया गया है। लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह को इस कार्यक्रम का नोडल अधिकारी बनाया गया है। एक अक्तूबर को गांधी जयंती से एक दिन पहले इसका शुभारंभ किया गया। पहले दिन इस अभियान में नौ लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने एक साथ किताबें पढ़ीं। वर्ल्ड रिकॉर्ड फॉर बुक रीडिंग संस्था की 27 टीमों ने इसका निरीक्षण किया था। विवि ने इसके बाद रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया। संस्था ने लविवि के रिकॉर्ड को मान्यता दे दी है।
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