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लविवि के पोर्टल पर बदल दिये गये इंटरनल के नंबर

Wed, 17 Jul 2019 01:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2019 01:24 AM IST
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LU : Internal marks changed on portal
लविवि के पोर्टल पर बदल गए इंटरनल के नंबर
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लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने की कुलपति से शिकायत
इंटरनल के नंबरों में होने वाला खेल रोकने के लिए ही लखनऊ विश्वविद्यालय ने इसे कागज के बजाय सीधे पोर्टल पर चढ़ाने की व्यवस्था की है। एलयू के दावे के विपरीत पोर्टल पर भी नंबर बदल दिए गए हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज जैन ने इस संबंध में कुलपति से शिकायत की है। उनका आरोप है कि शारीरिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक की शह पर यह खेल हुआ है। जिस पाठ्यक्रम के संबंध में यह आरोप लगाया है डॉ. जैन उसके समन्वयक भी हैं।
कुलपति को दिए गए पत्र में डॉ. जैन ने कहा है कि बीपीएड द्वितीय सेमेस्टर में पेपर आठ में लीडरशिप ट्रेनिंग कैंप का आयोजन होता है। 100 नंबर के इस पेपर में कैंप के निदेशक के साथ ही अन्य परीक्षक संयुक्त रूप से मूल्यांकन करते हैं। मूल्यांकन के बाद इनके नंबर एक शीट पर चढ़ाकर सबके हस्ताक्षर होते हैं। इसके बाद ये नंबर विवि के पोर्टल पर अन्य कोर्स की तरह चढ़ा दिए जाते हैं। विभाग या फिर कॉलेज पोर्टल पर नंबर फीड कर सकते हैं। दावा है कि एक बार फीड करने के बाद दोबारा उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता।
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12 अप्रैल को कैंप का मूल्यांकन किया गया था। इसके बाद इनके नंबर फीड कर दिए गए। अंतिम रिजल्ट बनाते समय मूल्यांकन प्रकोष्ठ के इंचार्ज प्रो. पीयूष भार्गव ने जानकारी दी कि पहले जो नंबर चढ़े थे वो बदल दिए गए हैं। डॉ. जैन के अनुसार उन्होंने जब अपनी ऑफिस कॉपी से उनका मिलान किया तो ज्यादातर विद्यार्थियों के नंबर बदले मिले। पोर्टल पर यह बदलाव 22 जून को किया गया है।
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82 नंबर को किया 97
पोर्टल पर नंबरों से छेड़छाड़ के बाद काफी विद्यार्थियों के नंबरों में अंतर आ गया। सूची में पहले स्थान पर जो विद्यार्थी है, उसके नंबर पहले 82 थे। छेड़छाड़ के बाद अब उसके नंबर 97 हो गए हैं। इसी तरह दूसरे नंबर वाले विद्यार्थी के नंबर 98 से बढ़ाकर 99, तीसरे वाले के 94 से कम करके 93 कर दिए गए हैं। ज्यादातर विद्यार्थियों के नंबर बढ़ाए ही गए हैं। सिर्फ कुछ विद्यार्थी हैं जिनके नंबर कम किए हैं।
इसी वजह से ही शुरू हुई है पोर्टल की व्यवस्था
लविवि में कई बार शिकायत आती है कि इंटरनल के नंबरों में काफी खेल किया जाता है। यहां तक कि कई बार पैसे लेकर नंबर बढ़ाने की शिकायत भी आती है। इसको देखते हुए लविवि ने पिछले सत्र से पोर्टल पर नंबर फीड करने की व्यवस्था शुरू की गई है। दावा है कि एक बार नंबर फीड होने के बाद बदलाव संभव नहीं होता। विवि के साथ ही डिग्री कॉलेज से भी इंटरनल केनंबर पोर्टल पर फीड किए जाते हैं। लूटा अध्यक्ष के आरोप के बाद पूरी व्यवस्था पर ही सवाल खड़ा हो गया है।
जांच करवाकर होगी कार्रवाई
अगर ऐसा हुआ है तो फिर यह गंभीर मामला है। अभी सभी प्रपत्र सामने नहीं गए हैं। इस मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिला तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

- प्रो. एसपी सिंह,
कुलपति, लविवि
किसी अधिकारी का भी हाथ
पोर्टल पर नंबर बदलने के खेल में विभाग के एक शिक्षक का हाथ है। उनके साथ ही किसी अधिकारी की भी इसमें भूमिका जरूर है। इसकेबाद ही पोर्टल पर नंबर बदले जा सकते हैं। कुलपति से इस मामले में जांच करके कार्रवाई की मांग की गई है।
डॉ. नीरज जैन,
अध्यक्ष, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ
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