प्रेमी ने खून से भरी प्रेमिका की मांग फिर साथ में लगा ली फांसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक युवक अपनी शादी के पांच साल बाद भी प्रेमिका को भुला न सका। दोनों चोरी-छिपे मिलते रहे, पर हमेशा के लिए एक न हो पाने पर दोनों ने मौत को गले लगा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक के हाथ से खून बह रहा था और युवती की मांग में खून था। घटना तिर्वा कोतवाली क्षेत्र की ग्रामसभा किनौरा के मजरा धारानगर की है। इस प्रेम कहानी के दु:खांत ने गांववालों को भी झकझोर दिया। उनका कहना है कि इनके घरवाले पहले ही शादी को राजी हो जाते तो आज यह दिन न देखना पड़ता।
किनौरा के प्रधान बाल किशन वर्मा के विवाहित पुत्र गिरजा शंकर राजपूत (25) व पड़ोस के श्याम सुंदर की पुत्री नीरज राजपूत (23) के शव बुधवार सुबह 11 बजे गिरजा शंकर के घर में छत के पंखे से लटकते मिले।
दोनों एक ही रस्सी का फंदा बनाकर फांसी पर झूले थे। सूचना पर आए पुलिस क्षेत्राधिकारी सुरेंद्रपाल सिंह ने बताया कि नीरज व गिरजा शंकर के बीच छह साल से प्रेम संबंध थे। दोनों के परिजन इनकी शादी के लिए राजी नहीं थे।
पत्नी को पता था प्रेम के बारे में
पांच साल पहले बाल किशन ने पुत्र गिरजा शंकर का विवाह तालग्राम थाने के चटोरापुर गांव के रामचंद्र की पुत्री नीतू के साथ कर दिया। पति के प्रेम प्रसंग की जानकारी होने पर नीतू रूठकर मायके चली गई।
करीब ढाई साल पहले उसने मायके में ही बेटी सोनी को जन्म दिया। चार दिन पहले बालकिशन अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ चटोरापुर गांव गए और बहू नीतू को मनाकर विदा करा लाए।
प्रधान बाल किशन ने बताया कि मंगलवार रात दस बजे गिरजा शंकर खाना खाने के बाद तबीयत खराब होने की बात कहकर मकान से कुछ दूरी पर बने एक कमरे में चला गया। बुधवार सुबह 10:30 बजे तक कमरे से बाहर न निकलने पर परिवार के लोगों ने खिड़की से झांककर देखा तो दोनों के शव लटक रहे थे।
सूचना पर सीओ के अलावा एसडीएम तिर्वा उदयवीर सिंह, एसपी दिनेश कुमार पी, कोतवाल बीएल यादव भी मौके पर पहुंचे। बाद में दोनों पक्षों को कोतवाली लाकर उनसे अलग-अलग वार्ता की गई। यहां युवती के पिता ने भी दोनों के आत्महत्या करने की बात कही।