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बुर्का पहनकर आया बदमाश, सीने पर तमंचा तानकर लूटे 15 लाख के गहने
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लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार के खरगापुर इलाके में शनिवार सुबह सराफा दुकान में बुर्का पहनकर आया एक बदमाश असलहे के बल पर नौकर को बंधक बनाकर करीब 15 लाख रुपये कीमत के गहने लूट ले गया। पुलिस अधिकारियों ने मौका मुआयना कर नौकर व आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद सीसीटीवी फुटेज से छानबीन कर एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। वहीं, नौकर की भूमिका संदिग्ध होने के चलते उससे भी पूछताछ की जा रही है।
बिहार के सीवान जिले के रहने वाले वेदप्रकाश सोनी उर्फ मुन्ना जी करीब 15 साल पहले लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार के खरगापुर में रामआसरे पुरवा में मकान बनवाकर रहने लगे। खरगापुर के गीता चौराहे के पास गोल्ड हाउस ज्वेलरी शॉप के नाम से उनकी दो दुकानें हैं। एक दुकान पर उनका बेटा आर्यन सोनी उर्फ अंशू बैठता है। दूसरी दुकान पर ज्यादातर मुन्ना जी का नौकर प्रदीप रावत उर्फ बउवा (20) ही बैठता है। मुन्ना जी की सीवान में भी सराफा दुकान है, जिसे उनका बड़ा बेटा अंबर सोनी संभालता है। गीता चौराहे के पास कॉम्प्लेक्स की दुकान में शनिवार सुबह 11:30 बजे बुर्का पहने एक बदमाश आया। दुकान में सिर्फ नौकर प्रदीप ही बैठा था। उसने नौकर प्रदीप से झुमका दिखाने को कहा।
प्रदीप के अनुसार, उसने झुमके की दो-तीन ट्रे निकालकर काउंटर पर रखीं। इसी बीच बदमाश ने अंगूठी दिखाने को कहा। प्रदीप ने अंगूठी की ट्रे काउंटर पर रखी ही थी कि बुर्का पहने बदमाश ने तमंचा निकालकर उसके सीने से सटा दिया। फिर प्रदीप को धमकाते हुए उसके दोनों हाथों को टेप लपेटकर बांध दिया। इसके बाद बुरका पहने बदमाश काउंटर में रखे सोने के सभी गहने बैग में भरकर भाग गया। कुछ देर बाद प्रदीप ने दुकान से निकलकर पड़ोस में चश्मे की दुकान चलाने वाले आशीष से बाइक की चाबी मांगी। उसके पूछने पर प्रदीप ने दुकान में लूटपाट की जानकारी दी। इस पर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
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डीसीपी (पूर्वी) संजीव सुमन, एडीसीपी (पूर्वी) एसएम कासिम आब्दी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदीप, पड़ोसी दुकानदार आशीष व अन्य लोगों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने आशीष की दुकान के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो बुर्का पहने बदमाश दुकान से निकलता दिखा। आसपास के लोगों ने बताया कि वो पैदल ही था और दुकान के बगल की गली में गया है। फुटेज में बदमाश के जाने के करीब डेढ़ मिनट बाद प्रदीप बाहर निकलता दिखा। गोमतीनगर विस्तार इंस्पेक्टर राजेश द्विवेदी ने बताया कि दुकानदार आर्यन सोनी उर्फ अंशू ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। छानबीन की जा रही है।
एडीसीपी (पूर्वी) ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस व नौकर प्रदीप समेत आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर छानबीन की जा रही है। प्रदीप की बातें संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं। उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने वारदात के कुछ देर बाद ही एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से एक संदिग्ध को दबोचा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इन बातों से नौकर पर गहराया शक
लखनऊ। मुन्ना जी की पत्नी चंदा स्वामी व बेटी शिल्पी ने बताया कि दुकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, मगर प्लग टूटने के चलते कई दिन से बंद हैं। इसकी जानकारी नौकर प्रदीप व मालिक अंशू के अलावा किसी को नहीं थी। नौकर दुकान के भीतर हमेशा आगे की कुर्सी पर बैठता था। पूरी दुकान में शीशे लगे होने के कारण ये कुर्सी बाहर से दिखती है मगर आज वारदात के वक्त नौकर पीछे की कुर्सी पर बैठा था। लूटपाट कर बदमाश के भागने पर नौकर सिर्फ दो-तीन सेकेंड में बाहर निकलकर शोर मचा सकता था मगर वह करीब डेढ़ मिनट बाद बाहर निकला और शोर भी नहीं मचाया। ऐसे में उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। शिल्पी ने बताया कि नौकर प्रदीप का बड़ा भाई संदीप रावत इलाके का अपराधी है। इस वजह से घटना के बाद से पूरा परिवार सहमा है।
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बिहार के सीवान जिले के रहने वाले वेदप्रकाश सोनी उर्फ मुन्ना जी करीब 15 साल पहले लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार के खरगापुर में रामआसरे पुरवा में मकान बनवाकर रहने लगे। खरगापुर के गीता चौराहे के पास गोल्ड हाउस ज्वेलरी शॉप के नाम से उनकी दो दुकानें हैं। एक दुकान पर उनका बेटा आर्यन सोनी उर्फ अंशू बैठता है। दूसरी दुकान पर ज्यादातर मुन्ना जी का नौकर प्रदीप रावत उर्फ बउवा (20) ही बैठता है। मुन्ना जी की सीवान में भी सराफा दुकान है, जिसे उनका बड़ा बेटा अंबर सोनी संभालता है। गीता चौराहे के पास कॉम्प्लेक्स की दुकान में शनिवार सुबह 11:30 बजे बुर्का पहने एक बदमाश आया। दुकान में सिर्फ नौकर प्रदीप ही बैठा था। उसने नौकर प्रदीप से झुमका दिखाने को कहा।
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प्रदीप के अनुसार, उसने झुमके की दो-तीन ट्रे निकालकर काउंटर पर रखीं। इसी बीच बदमाश ने अंगूठी दिखाने को कहा। प्रदीप ने अंगूठी की ट्रे काउंटर पर रखी ही थी कि बुर्का पहने बदमाश ने तमंचा निकालकर उसके सीने से सटा दिया। फिर प्रदीप को धमकाते हुए उसके दोनों हाथों को टेप लपेटकर बांध दिया। इसके बाद बुरका पहने बदमाश काउंटर में रखे सोने के सभी गहने बैग में भरकर भाग गया। कुछ देर बाद प्रदीप ने दुकान से निकलकर पड़ोस में चश्मे की दुकान चलाने वाले आशीष से बाइक की चाबी मांगी। उसके पूछने पर प्रदीप ने दुकान में लूटपाट की जानकारी दी। इस पर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
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डीसीपी (पूर्वी) संजीव सुमन, एडीसीपी (पूर्वी) एसएम कासिम आब्दी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदीप, पड़ोसी दुकानदार आशीष व अन्य लोगों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने आशीष की दुकान के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो बुर्का पहने बदमाश दुकान से निकलता दिखा। आसपास के लोगों ने बताया कि वो पैदल ही था और दुकान के बगल की गली में गया है। फुटेज में बदमाश के जाने के करीब डेढ़ मिनट बाद प्रदीप बाहर निकलता दिखा। गोमतीनगर विस्तार इंस्पेक्टर राजेश द्विवेदी ने बताया कि दुकानदार आर्यन सोनी उर्फ अंशू ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। छानबीन की जा रही है।
एडीसीपी (पूर्वी) ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस व नौकर प्रदीप समेत आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर छानबीन की जा रही है। प्रदीप की बातें संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं। उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने वारदात के कुछ देर बाद ही एक स्थानीय व्यक्ति की मदद से एक संदिग्ध को दबोचा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इन बातों से नौकर पर गहराया शक
लखनऊ। मुन्ना जी की पत्नी चंदा स्वामी व बेटी शिल्पी ने बताया कि दुकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, मगर प्लग टूटने के चलते कई दिन से बंद हैं। इसकी जानकारी नौकर प्रदीप व मालिक अंशू के अलावा किसी को नहीं थी। नौकर दुकान के भीतर हमेशा आगे की कुर्सी पर बैठता था। पूरी दुकान में शीशे लगे होने के कारण ये कुर्सी बाहर से दिखती है मगर आज वारदात के वक्त नौकर पीछे की कुर्सी पर बैठा था। लूटपाट कर बदमाश के भागने पर नौकर सिर्फ दो-तीन सेकेंड में बाहर निकलकर शोर मचा सकता था मगर वह करीब डेढ़ मिनट बाद बाहर निकला और शोर भी नहीं मचाया। ऐसे में उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। शिल्पी ने बताया कि नौकर प्रदीप का बड़ा भाई संदीप रावत इलाके का अपराधी है। इस वजह से घटना के बाद से पूरा परिवार सहमा है।