फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Loksabha election will test the relation between Akhilesh Yadav and Shivpal.

Mainpuri Bypoll: मैनपुरी तो झलक है, रिश्तों की परख लोकसभा चुनाव में, शिवपाल ने खुद को अखिलेश पर छोड़ा

Tue, 22 Nov 2022 09:49 AM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 22 Nov 2022 09:49 AM IST
सार

मैनपुरी उपचुनाव में अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच की दूरी खत्म होती हुई नजर आ रही हैं। हालांकि, रिश्तों की असली परख तो लोकसभा चुनाव 2024 में होगी।

विज्ञापन
Loksabha election will test the relation between Akhilesh Yadav and Shivpal.
अखिलेश यादव व शिवपाल सिंह यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सपा के लिए मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है। सोमवार को जिस तरह मंच पर अखिलेश ने शिवपाल के पैर छुए और शिवपाल ने मार्मिक बयान दिया, उसके गहरे निहितार्थ हैं। उन्होंने कहा, नेताजी के साथ रहकर बहुत कुछ सीखा है। उनको कभी निराश नहीं किया। अखिलेश को भी निराश नहीं करूंगा।

विज्ञापन


शिवपाल की यह अपील विवशता भी है और कार्यकर्ताओं को नए सिरे से जोड़ने की रणनीति भी। ऐसे में अहम सवाल यह है कि शिवपाल की यह पुकार सपा अध्यक्ष अखिलेश पर कितना असरकारी होगी? क्योंकि रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलने की अग्निपरीक्षा उपचुनाव नहीं बल्कि लोकसभा आमचुनाव में होगी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी इनवेस्टर्स समिट : दिल्ली में आज सीएम योगी करेंगे लोगो और पोर्टल का शुभारंभ, आईआईडीसी देंगे प्रस्तुतिकरण
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - निकाय चुनाव: 4.27 करोड़ से ज्यादा मतदाता चुनेंगे शहरों की सरकार, 2017 की तुलना में 91.44 लाख वोटर बढ़े


अखिलेश और शिवपाल के बीच 2016 में रिश्तों में दरार आई। शिवपाल ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली। खुद को मुलायम सिंह की विरासत का असली वारिस बताने का प्रयास किया। विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी की। अपनी ताकत का अहसास कराया। तीन दौर की यात्रा के बाद मुलायम ने हस्तक्षेप किया और यात्रा स्थगित हो गई।

शिवपाल को भरोसा था कि सपा के टिकट पर वह खुद और अपने खास लोगों को चुनाव लड़ाएंगे। लेकिन अखिलेश ने सिर्फ उन्हें टिकट दिया। शिवपाल के तमाम साथी धोखे का आरोप लगा दूसरे दल में चले गए। वक्त बीता। विधायक दल की बैठक में नहीं बुलाए जाने से नाराज शिवपाल ने अखिलेश से सभी रिश्ते खत्म करने का ऐलान किया।

मैनपुरी में जो दिख रहा है वो आईवॉश है या हकीकत
सियासी जानकारों का कहना है कि सोमवार को दिए गए बयान ने साबित कर दिया है कि शिवपाल ने खुद को अखिलेश पर छोड़ दिया है। इसकी बड़ी वजह शिवपाल की उम्र भी है। वह नए सिरे से सियासत शुरू करने की स्थिति में नहीं है। दूसरी तरफ बेटे आदित्य और विपरीत परिस्थितियों में साथ न छोड़ने वाले साथियों का भी कॅरिअर है। अब देखना यह होगा कि मैनपुरी में जो दिख रहा है वह सिर्फ आईवॉश है अथवा हकीकत।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed