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यूपी: वोटरों को ‘डबल इंजन’ के फायदे समझाने का ब्लूप्रिंट तैयार, मंत्री और विधायकों को जिम्मेदारी
Sun, 24 Mar 2019 09:48 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 24 Mar 2019 09:48 AM IST
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पिछले विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैलियों के दौरान ‘डबल इंजन’ (केंद्र व राज्य में एक ही दल की सरकार) के फायदे गिनाते नजर आते थे। इस बार के लोकसभा चुनाव में सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायक जनता के बीच जाकर यह समझाएंगे कि राज्य के साथ केंद्र में एक ही दल की सरकार होने के क्या-क्या फायदे हुए? केंद्र में फिर भाजपा सरकार आने से प्रदेश में किस तरह विकास की बयार बहेगी। खिचड़ी सरकार आने पर प्रदेश को किस-किस तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
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प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सत्ताधारी दल की इस चुनावी रणनीति का संकेत दिया है। वह बताते हैं कि राजनीतिक दलों के नेताओं के सियासी आरोप-प्रत्यारोप व भावनाओं से जुड़े मुद्दों के इतर एक ऐसा बड़ा मतदाता वर्ग होता है जो सरकारों के काम को समझना चाहता है। पढ़े-लिखे युवा और बुजुर्ग मतदाताओं का यह वर्ग चुनावी माहौल को बनाने में मदद करता है।
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जागरूक मतदाता वर्ग के रूप में चिह्नित करते हुए अफसर ने कहा कि एक ही दल की केंद्र व राज्य सरकारों के काम की जानकारी साझा की जाए। यह भी बताया जाए कि अलग-अलग सरकार होने पर पूर्व में राज्य ने क्या कीमत चुकाई है। यह मतदाता वर्ग पारदर्शिता, स्वच्छ तथा सहज प्रशासन पर ज्यादा बहस करता है। बेमेल व एक ही दल की सरकारों में यह काम कैसा रहा इसे भी गिनाया जा सकता है।
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स्थानीय स्तर पर उन कार्यों की भी जानकारी दी जाएगी जो पिछली सरकारों में लंबे समय से आधी-अधूरी या उपेक्षित थीं या, जनता की बार-बार मांग के बावजूद नजरंदाज की जा रहीं थीं। योगी सरकार में उसे प्राथमिकता देकर पूरा किया गया और जो शेष हैं उन्हें भी किया जा रहा है।
अखिलेश यादव की सरकार भ्रष्टाचार पर निर्णय नहीं ले पाई थी। प्रदेश में योगी सरकार आने पर इसे लागू किया गया। सामानों की खरीद व ठेके-पट्टों में ई-टेंडर की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। जैम पोर्टल पर सरकारी खरीद लागू हुई और सभी तरह की ठेके-पट्टों के लिए ई-टेंडर अनिवार्य कर दिया गया। डबल इंजन की सरकार में केंद्र व राज्य की योजनाओं से किस-किस परिवार को क्या-क्या लाभ मिला और राज्य की पिछली सरकार में यह लाभ नहीं पा रहे थे।