मायावती बोलीं, अगर पीएम बनने का मौका मिला तो अंबेडकरनगर से ही लडूंगी चुनाव
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलता है तो वह अंबेडकरनगर से ही चुनाव लड़ेंगी। वह रविवार को अकबरपुर नगर के निकट शिवबाबा में खचाखच भरे विशालकाय मैदान में जनसभा को संबोधित कर रही थीं।
हालांकि, उन्होंने खुलकर इसका जिक्र नहीं किया लेकिन कहा कि अगर सब ठीक रहा तो मुझे यहां से चुनाव लड़ना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली की राजनीति के लिए अंबेडकरनगर से होकर ही रास्ता जाएगा।
दरअसल, मायावती ने ही 29 सितंबर 1995 को मुख्यमंत्री रहने के दौरान अंबेडकरनगर जनपद का गठन किया था। इसके अलावा, अंबेडकरनगर संसदीय सीट के परिसीमन से पहले रहे अकबरपुर सुरक्षित संसदीय सीट से तीन बार सांसद चुनी जा चुकी हैं।
'भाजपा की फूट डालने व गुमराह करने वाली राजनीति सफल नहीं होने वाली'
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा किसी गलतफहमी में न रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद यूपी में योगी को हटाने के लिए भी गठबंधन जारी रहेगा। केंद्र के बाद यह गठबंधन ही यूपी से ऐसे लोगों को सत्ता से हटाएगा जो झूठे वादे करते हैं, और जनता को गुमराह रहते हैं।
मायावती ने बीते दिनों मयाबाजार में प्रधानमंत्री की सभा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वहां कहा गया कि बाबा साहब आंबेडकर के रास्ते पर बसपा नहीं चल रही।
उन्हें शायद पता नहीं कि अंबेडकरनगर जिले का गठन और उसका नामकरण बाबा साहब के नाम पर करने का काम बसपा ने ही किया था। भाजपा को यह अच्छे से समझ लेना चाहिए कि फूट डालने व गुमराह करने की राजनीति सफल होने वाली नहीं है।
'गठबंधन ही दिलाएगा आम लोगों को उनका हक व न्याय'
उन्होंने कहा कि केंद्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार हटने के बाद यूपी से योगी सरकार को हटाने के लिए भी सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से मिलकर गठबंधन पूरी मजबूती से चलेगा। यह गठबंधन ही केंद्र व प्रदेश से इन दोनों की विदाई तय कर आम लोगों को उनका हक व न्याय दिलाने का काम करेगा।