यूपी में ढह गया यादव परिवार का दुर्ग, डिंपल समेत अक्षय व धर्मेंद्र की हार भी लगभग तय
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लोकसभा चुनाव 2019 कांग्रेस पार्टी के लिए बेहद बुरी खबर लेकर आया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपने गढ़ अमेठी में भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी से हार रहे हैं। ठीक इसी तरह यूपी के सबसे बड़े सियासी घराने यादव परिवार का भी दुर्ग ढह रहा है।
कन्नौज से डिंपल यादव, बदायूं से धर्मेंद्र यादव और फिरोजाबाद में अक्षय यादव को कड़ी चुनौती मिल रही है। इन सभी के लिए अपनी सीट बचाना लगभग असंभव हो गया है। वहीं, आजमगढ़ सीट पर अखिलेश यादव दो लाख वोटों से जीत रहे हैं जबकि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव मैनपुरी सीट पर जीत दर्ज करते हुए नजर आ रहे हैं।
खास बात है कि यादव परिवार 2014 की प्रचंड मोदी लहर में भी अपने परिवार के सदस्यों की सीटें बचा ले गया लेकिन इस बार यादव परिवार के सदस्य जिन पांच सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनमें से तीन पर हार लगभग तय है।
अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव कन्नौज सीट से प्रत्याशी हैं। उन्हें सुब्रत पाठक से कड़ी टक्कर मिल रही है। सुब्रत पाठक इस समय 453386 वोटों के साथ करीब 19 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं।
बदायूं और फिरोजाबाद सीट पर ये है हाल
बदायूं सीट पर धर्मेंद्र यादव सपा उम्मीदवार हैं। उन्हें भाजपा प्रत्याशी संघमित्र मौर्य के 493717 वोटों के मुकाबले 466568 वोट मिले हैं। मतलब उनकी भी हार तय है।
इसके अलावा फिरोजाबाद सीट पर अक्षय यादव लगभग 25 हजार वोटों से भाजपा प्रत्याशी डॉ. चंद्रसेन जादों से पीछे चल रहे हैं। अक्षय को 460028 मत मिले तो चंद्रसेन ने 485988 मत प्राप्त किए।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की आजमगढ़ सीट से जीत तय है। उन्हें दिनेश लाल यादव निरहुआ के 323984 वोटों के मुकाबले 559767 वोट मिले हैं।
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव मैनपुरी सीट पर जीत रहे हैं। उन्हें 518650 मत मिले हैं जबकि भाजपा प्रत्याशी प्रेम सिंह शाक्य को 425461 मत मिले। रुझानों से साफ स्पष्ट है कि जनता ने परिवारवाद को नकार दिया है।