{"_id":"5ea95fb1250c17191837ab28","slug":"locker-of-bhainsakund-baikunth-dham-is-full-during-lockdown-in-lucknow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ: भैंसाकुंड बैकुंठ धाम के लॉकर फुल, अस्थियां भी कर रहीं लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ: भैंसाकुंड बैकुंठ धाम के लॉकर फुल, अस्थियां भी कर रहीं लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार
Wed, 29 Apr 2020 05:57 PM IST
ishwar ashish
इमरान/अमर उजाला, लखनऊ
इमरान/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 29 Apr 2020 05:57 PM IST
विज्ञापन
भैंसाकुंड के लॉकर में अब कलश रखने की जगह नहीं बची है।
- फोटो : amar ujala
लॉकडाउन के चलते अंतिम संस्कार को रखी गईं अस्थियां भी भैंसाकुंड बैकुंठ धाम के लॉकर में लॉक हैं। आने-जाने में रोक और संक्रमण के खतरे के चलते अस्थि कलश लेने के लिए लोग नहीं पहुंच रहे हैं। इससे अब कलश रखने को लॉकर में भी जगह नहीं बची है।
भैंसाकुंड बैकुंठ धाम में पंडित दीपू मिश्रा ने बताया कि रोजाना 10 से 15 अंतिम संस्कार यहां हो रहे हैं। इसके बाद अस्थियों को विसर्जन के लिए कलश में लेकर लॉकर में रख दिया जाता है।
20 लॉकर में 110 तक अस्थि कलश रखे जा सकते हैं। इनकी समयसीमा 10 दिन होती है। हालांकि, लॉकडाउन के चलते 30 दिन से ज्यादा समय तक कलश रखे हुए हैं।
विज्ञापन
भैंसाकुंड बैकुंठ धाम में पंडित दीपू मिश्रा ने बताया कि रोजाना 10 से 15 अंतिम संस्कार यहां हो रहे हैं। इसके बाद अस्थियों को विसर्जन के लिए कलश में लेकर लॉकर में रख दिया जाता है।
विज्ञापन
20 लॉकर में 110 तक अस्थि कलश रखे जा सकते हैं। इनकी समयसीमा 10 दिन होती है। हालांकि, लॉकडाउन के चलते 30 दिन से ज्यादा समय तक कलश रखे हुए हैं।
Trending Videos
कई परिजन गोमती में ही कर रहे अस्थि विसर्जन
वहीं, सभी लॉकर भरने से अब और कलश रखने की जगह भी नहीं है। सख्ती के चलते पास मिलने पर ही लोग अस्थि कलश के लिए आ रहे हैं। कई परिजन गोमती में ही अस्थि विसर्जन कर दे रहे हैं। इसके बाद भी दिक्कत बनी है।
वहीं, कई लोगों ने आरोप लगाया कि डेथ सर्टिफिकेट के लिए पर्ची बनाने वाला कोई नहीं है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके रावत का कहना है कि ऑफिस रोजाना खुल रहा है। हो सकता है कि लॉकडाउन के चलते कर्मचारी न पहुंच पा रहा हो। इस बारे में पता किया जाएगा।
वहीं, कई लोगों ने आरोप लगाया कि डेथ सर्टिफिकेट के लिए पर्ची बनाने वाला कोई नहीं है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके रावत का कहना है कि ऑफिस रोजाना खुल रहा है। हो सकता है कि लॉकडाउन के चलते कर्मचारी न पहुंच पा रहा हो। इस बारे में पता किया जाएगा।