{"_id":"5ef6ff2b2e3ab46da06771ce","slug":"lockdown-effect-on-career-of-youths","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन ने बिखेरे युवाओं के सपने, विदेश में जाने का सपना हुआ चूर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन ने बिखेरे युवाओं के सपने, विदेश में जाने का सपना हुआ चूर
Sat, 27 Jun 2020 01:44 PM IST
ishwar ashish
अक्षय कुमार , अमर उजाला, लखनऊ
अक्षय कुमार , अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 27 Jun 2020 01:44 PM IST
विज्ञापन
एकेटीयू
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉकडाउन कई मायनों में युवाओं के लिए मुसीबत लेकर आया। इंटरनेशनल फ्लाइटें बंद होने से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) से तीन महीने से ट्रांसक्रिप्ट (एकेडमिक रिकॉर्ड की प्रतिलिपि) नहीं जा पा रही है। इसके बिना विदेश में पढ़ाई करने, नौकरी मिलने में परेशानी हो रही है।
मार्च-अप्रैल का समय विद्यार्थियों के लिए देश-विदेश में उच्च शिक्षा व जॉब पाने का भी है। एकेटीयू से जुड़े स्टूडेंट इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट की डिग्री लेकर कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते हैं, जिसके लिए ट्रांसक्रिप्ट की जरूरत होती है। मार्च से अब तक 115 विद्यार्थियों ने इसके लिए आवेदन किया है।
सबसे ज्यादा 95 कनाडा, 15 अमेरिका, दो ऑस्ट्रेलिया, दो नेपाल, एक बहरीन के लिए आवेदन किया है, लेकिन ट्रांसक्रिप्ट न जा पाने से बिना वैरिफाई हुए इन्हें प्रवेश नहीं मिल सकता है। कुछ विद्यार्थी तो विदेश जा भी चुके हैं और अब ट्रांसक्रिप्ट का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मार्च-अप्रैल का समय विद्यार्थियों के लिए देश-विदेश में उच्च शिक्षा व जॉब पाने का भी है। एकेटीयू से जुड़े स्टूडेंट इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट की डिग्री लेकर कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते हैं, जिसके लिए ट्रांसक्रिप्ट की जरूरत होती है। मार्च से अब तक 115 विद्यार्थियों ने इसके लिए आवेदन किया है।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा 95 कनाडा, 15 अमेरिका, दो ऑस्ट्रेलिया, दो नेपाल, एक बहरीन के लिए आवेदन किया है, लेकिन ट्रांसक्रिप्ट न जा पाने से बिना वैरिफाई हुए इन्हें प्रवेश नहीं मिल सकता है। कुछ विद्यार्थी तो विदेश जा भी चुके हैं और अब ट्रांसक्रिप्ट का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
जानें- क्या है ट्रांसक्रिप्ट
एकेटीयू सेमेस्टर आधार पर हर साल मार्कशीट देता है। ऐसे में जब छात्र विदेश में अप्लाई करते हैं तो सिर्फ एक पेज में पूरा रिजल्ट मांगा जाता है। इसे ही ट्रांसक्रिप्ट कहते हैं। इसके लिए विद्यार्थी विवि में ऑनलाइन आवेदन करते हैं। फिर एक फॉर्मेट पर चार साल का रिजल्ट भरते हैं। इसके बाद जिस देश में उन्हें इसकी जरूरत होती है, उसके हिसाब से डाक खर्च देते हैं। यह रजिस्ट्रार के पास से वैरिफाई होकर रजिस्टर्ड डाक से हवाई जहाज से संबंधित संस्था को सीधे विवि की ओर से भेजा जाता है।
- हर लेवल की पढ़ाई के लिए जरूरी
गाजियाबाद के कॉलेज से बीआर्क करने वाले शक्ति ने बताया कि कनाडा में किसी भी पढ़ाई के लिए ट्रांसक्रिप्ट जरूरी है। कोरोना के चलते अभी कनाडा में भी चीजें थोड़ी प्रभावित हैं, जिससे वेटेज मिल जाएगा। हालांकि, हमने वहां रिक्वेस्ट कर रखी है कि कोरोना के कारण हमारे यहां प्रक्रिया प्रभावित है।
- स्थायी निवास में भी होता है प्रयोग
ट्रांसक्रिप्ट का प्रयोग विदेश में नौकरी और स्थायी निवास के लिए भी होता है। गाजियाबाद से बीआर्क करने वाले सुभाषिक भौमिक ने बताया कि मुझे कनाडा में जॉब के लिए स्थायी रूप से रहना है। इसके लिए एकेटीयू में ट्रांसक्रिप्ट के लिए अप्लाई किया है।
इंटरनेशनल फ्लाइट से ही विदेश में विद्यार्थियों के रिकॉर्ड डाक विभाग से भेजे जाते हैं। लॉकडाउन की वजह से विभाग तीन महीने से इसे नहीं ले रहा है। सिर्फ अमेरिका से एक विभाग ने सीधे संपर्क किया था तो उसे मेल से ट्रांसक्रिप्ट भेजी गई है। डाक विभाग से संपर्क किया है, जल्द ही कोई रास्ता निकालेंगे। -आशीष मिश्रा, प्रवक्ता, एकेटीयू
- हर लेवल की पढ़ाई के लिए जरूरी
गाजियाबाद के कॉलेज से बीआर्क करने वाले शक्ति ने बताया कि कनाडा में किसी भी पढ़ाई के लिए ट्रांसक्रिप्ट जरूरी है। कोरोना के चलते अभी कनाडा में भी चीजें थोड़ी प्रभावित हैं, जिससे वेटेज मिल जाएगा। हालांकि, हमने वहां रिक्वेस्ट कर रखी है कि कोरोना के कारण हमारे यहां प्रक्रिया प्रभावित है।
- स्थायी निवास में भी होता है प्रयोग
ट्रांसक्रिप्ट का प्रयोग विदेश में नौकरी और स्थायी निवास के लिए भी होता है। गाजियाबाद से बीआर्क करने वाले सुभाषिक भौमिक ने बताया कि मुझे कनाडा में जॉब के लिए स्थायी रूप से रहना है। इसके लिए एकेटीयू में ट्रांसक्रिप्ट के लिए अप्लाई किया है।
इंटरनेशनल फ्लाइट से ही विदेश में विद्यार्थियों के रिकॉर्ड डाक विभाग से भेजे जाते हैं। लॉकडाउन की वजह से विभाग तीन महीने से इसे नहीं ले रहा है। सिर्फ अमेरिका से एक विभाग ने सीधे संपर्क किया था तो उसे मेल से ट्रांसक्रिप्ट भेजी गई है। डाक विभाग से संपर्क किया है, जल्द ही कोई रास्ता निकालेंगे। -आशीष मिश्रा, प्रवक्ता, एकेटीयू