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केजीएमयूः महिला ने लिवर देकर जेठ को दी नई जिंदगी, इस बीमारी से था ग्रस्त
Wed, 11 Dec 2019 01:18 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 11 Dec 2019 01:18 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
केजीएमयू में मंगलवार को नौवां लिवर प्रत्यारोपण हुआ। इस बार छोटे भाई की पत्नी ने लिवर देकर अपने जेठ की जान बचाई। मरीज और दानदाता की हालत स्थिर है। लखनऊ निवासी शैलेंद्र (47) क्रॉनिक लिवर डिजीज से ग्रसित थे। परिवार के लोगों ने लखनऊ के साथ ही दिल्ली में भी इलाज कराया।
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आराम नहीं मिलने पर केजीएमयू आए। यहां भी चिकित्सकों ने लिवर प्रत्यारोपण की जरूरत बताई। इस दौरान लिवर दानदाता की खोज शुरू हुई। परिवार के कई लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए, लेकिन मिलान नहीं हो सका। इस दौरान शैलेंद्र की हालत लगातार बिगड़ने लगी।
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मरीज और दानदाता की हालत स्थिर
प्रतीकात्मक तस्वीर
यह देख उनके भाई की पत्नी कृष्णा (30) आगे आईं। उसने अपना ब्लड सैंपल व अन्य जांचें कराईं। चिकित्सकों ने प्रत्यारोपण के लिए कृष्णा के लिवर को उपयुक्त पाया। मंगलवार सुबह करीब सात बजे प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की गई। शाम करीब पांच बजे तक प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी हो पाई।
चिकित्सकों ने बताया कि मरीज और दानदाता दोनों की हालत स्थिर है। दानदाता के लिवर से लोब लेकर मरीज में प्रत्यारोपित किया गया है। कुछ दिन बाद दानदाता का लिवर अपने आप विकसित हो जाएगा। ऐसे में उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
चिकित्सकों ने बताया कि मरीज और दानदाता दोनों की हालत स्थिर है। दानदाता के लिवर से लोब लेकर मरीज में प्रत्यारोपित किया गया है। कुछ दिन बाद दानदाता का लिवर अपने आप विकसित हो जाएगा। ऐसे में उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।