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सीएम के मेगा प्रोजेक्ट को संक्रमण का खतरा!
आशुतोष मिश्र/लखनऊ
Updated Fri, 20 Sep 2013 12:28 AM IST
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इटावा लॉयन सफारी के लिए राजकोट जू से आए वीवीआईपी एशियाई बब्बर शेरों को भी संक्रमण से बचाने की कवायद शुरू हो गई है।
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सीएम के मेगा प्रोजेक्ट के लिए आए इन मेहमान शेरों पर किसी भी तरह के संक्रमण की आंच न आए इसके लिए बृहस्पतिवार को बलरामपुर हाउस (एशियाई बब्बर शेर मोजकब कुबेर और हीर के बाड़े) में साफ-सफाई ने जोर पकड़ा।
स्टाफ ने दिन भर यहां ऊंची घास को साफ किया। काले हिरनों के इलाज में लगे विशेषज्ञों की सलाह पर जू में जारी सेनीटाइजेशन के तहत दिन भर कई वन्यजीवों के बाड़ों में साफ-सफाई जारी रही।
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सफेद बाघ आर्यन के बाड़े में 12 इंच ऊंची घास और जंगली पौधे काटने के अलावा स्टाफ ने जिराफ, जेब्रा समेत अन्य वन्यजीवों के बाड़े की सफाई की।
हालांकि स्टाफ इसे रूटीन सफाई ही बता रहे हैं। उधर, बृहस्पतिवार को दोपहर बाद एक बार फिर जांच समिति ने दौरा कर कुछ बिंदुओं पर पड़ताल की।
एक भी हिरन को नहीं किया डार्ट
इलाज में लगे चिकित्सकों ने बृहस्पतिवार को एक भी काले हिरन को डार्ट नहीं किया। सुबह से ही सभी काले हिरनों को चारा उठाते देख विशेषज्ञों ने उन्हें डार्ट करने की जरूरत नहीं समझी।
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हालत में सुधार देख देहरादून से आए विशेषज्ञ डॉ. पराग भी वापस लौट गए। हालांकि उनकी जगह अभी डॉ. ई. राजा कैंप करेंगे। विशेषज्ञ प्रत्येक हिरन की हर तीन घंटे की हरकतों को नोट कर डेटा तैयार कर रहे हैं।
आज आ सकती है रिपोर्ट
बहुप्रतीक्षित आईवीआरआई की अंतिम जांच रिपोर्ट शुक्रवार शाम तक आने का अनुमान है। अंतिम रिपोर्ट के आने के बाद ही सीएम के निर्देश पर बनी जांच समिति जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
जू के औचक दौरे पर बृहस्पतिवार को पहुंचे जांच समिति के एक महत्वपूर्ण सदस्य प्रमुख वन संरक्षक प्रशिक्षण-अनुसंधान कानपुर अश्वनी कुमार ने कई और बिंदुओं पर पड़ताल की।
निदेशक समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों से बाकी बचे बिंदुओं पर जवाब मांगे। हालांकि घंटे भर की पड़ताल के बावजूद उन्हें एक भी बिंदु का जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है।