अखिलेश फिर शर्मसार, कातिल सपा विधायक को उम्रकैद!
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यूपी के उरई जिले की चरखारी सीट से सपा विधायक व
कप्तान सिंह ने अपने भाई के साथ मिलकर कानपुर सेंट्रल जेल से उरई न्यायालय पेशी पर आए एक युवक को दिनदहाडे़ गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था।
13 साल पुराने हत्या के मामले में शनिवार को फैसला सुनाते हुए स्पेशल
जज (डकैती) संजय कुमार ने दोषियों को हिरासत में लेने का आदेश दिया था। इस
पर पुलिस ने विधायक और उनके भाई को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
घटनाक्रम के मुताबिक, रेंढ़र थाना क्षेत्र के डीहा गांव
निवासी किशन जी डीहा को बीते 20 अप्रैल 2002 को सिपाही अरविंद कुमार दो
अन्य साथियों के साथ कानपुर सेंट्रल जेल से जिला न्यायालय पेशी पर ला रहे
थे। वह सुबह तकरीबन 11 बजे ग्वालियर छपरा एक्सप्रेस से उतरकर रिक्शे में
बैठकर न्यायालय आ रहे थे।
जानिए, क्या कब और कैसे हुआ
तभी टाउन हाल के पास दर्जन भर लोगों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़
फायरिंग करते हुए मौत के घाट उतार दिया। वारदात से पूरा जालौन दहल गया था।
तब सपा विधायक कप्तान सिंह राजपूत, उनके भाई लक्ष्मन सिंह, समर्थक जयराम,
मंगल सिंह, रामअवतार, जगत, सुभाष, वीरेंद्र लोधी व राजू दीक्षित पर हत्या
के आरोप लगे थे।
इस मामले की तहरीर सिपाही अरविंद कुमार ने कोतवाली
पुलिस को दी थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना की और
न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। स्पेशल जज (डकैती) संजय कुमार की
अदालत में 12 साल तक मुकदमे की सुनवाई की गई।
तमाम गवाहों और
सुबूतों के आधार पर आरोपी सपा विधायक कप्तान सिंह राजपूत व उनके भाई
लक्ष्मन सिंह पर आरोप सिद्ध हो गया, जबकि अन्य आरोपियों को पर कोई टिप्पणी
नहीं की और जाने दिया गया। सजा का फैसला सोमवार तक सुरक्षित रखा गया है।
सपा विधायक की गिरफ्तारी होते ही उनके समर्थकों में मायूसी छा गई। जेल जाते
वक्त सपा विधायक कप्तान सिंह ने कहाकि वे कोर्ट के फैसले का आदर करते हैं।