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Lucknow News: जोखिम में जान, नाव मिली नहीं, ट्यूब बना आवागमन का सहारा

Sat, 21 Sep 2024 04:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sat, 21 Sep 2024 04:52 AM IST
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Life in danger, boat not found, tube becomes support for transportation
रायबरेली में शुक्रवार को डलमऊ तहसील क्षेत्र के मोहद्दीनपुर गांव में ट्यूब के सहारे  रास्ता पार
डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कटरी क्षेत्र के 12 गांव न सिर्फ पानी से घिर गए हैं, बल्कि कुछ गांवों के अंदर पानी घुस भी गया है। हालात यह हैं कि लोगों की जान जोखिम में आ गई है। प्रशासन की आरे से नाव न मिलने के कारण लोगों को वाहनों के ट्यूब के जरिए आवागमन करना पड़ रहा है।
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जैसे-जैसे जलस्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन की तरफ से बाढ़ से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। नाव की सुविधा न होने के कारण ग्रामीण ट्यूब के जरिए आवागमन करने को मजबूर हैं। वहीं, धान, उड़द, तिल की 500 बीघा से ज्यादा फसलें पानी में डूब गईं हैं। गंगा नदी के जलस्तर का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर, जबकि खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है।
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केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक शुक्रवार को नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करते हुए 98.760 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा नदी का पानी खतरे के निशान बिंदु की तरफ बढ़ रहा है। कटरी क्षेत्र के चक मलिक भीटी, जमालनगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा, बबुरा, पूरे रेवती सिंह गांवों में रहने वाले लोगों में दहशत है। उधर, उपजिलाधिकारी डलमऊ अभिषेक वर्मा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया जा रहा है। बाढ़ से निपटने के इंतजाम किए गए हैं। यदि समस्या होती है तो लोगों को बाढ़ चौकियों में पहुंचा दिया जाएगा।
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किसी का घर डूबा तो किसी की फसल
नया पुरवा की रहने वाली सुखमती कहती हैं कि पानी में धान की फसल डूब गई है। चारों तरफ से पानी से घर घिर गया है। प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं कर रहा है। जहांगीराबाद गांव निवासी अभिषेक तिवारी और पिंटू कहते हैं कि गंगा नदी के बढ़े जलस्तर से फसलें तबाह हो गईं हैं। हम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नया पुरवा गांव की रहने वाली सीता कहती हैं कि गांवों में पानी भर गया है। नाव नहीं लगाई गई है। ऐसे में लोग ट्यूब में हवा भरकर उसी के सहारे में आवागमन कर रहे हैं। पशुओं को चारे की व्यवस्था करने के लिए लोगों को जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।

बाढ़ चौकियों में टेंट नहीं, सिर्फ टांग दिया बैनर
पूरे गौतमन प्राथमिक स्कूल, मोहल्ला चौहट्टा स्थित जूनियर हाईस्कूल और शेरेनदाजपुर, कनहा में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं, ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जा सके। बाढ़ चौकियों में एक तखत रखने के साथ बैनर टांग दिया गया है। टेंट तक की व्यवस्था नहीं की गई है। साफ-सफाई तक नहीं है। राजस्व कर्मी भी कहीं नहीं दिखाई दे रहे।


घाटों की सीढिय़ां पानी में डूबीं
ऊंचाहार (रायबरेली)। क्षेत्र में भी गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांवों में रहने वाले लोगों में दहशत है। गोकना, गोला, बादशाहपुर, पूरे तीर खरौली, कल्यानी व कोटरा बहादुरगंज गंगाघाट की अधिकतर सीढि़यां पानी में डूब गई हैं। इससे लोगों के स्नान के दौरान खतरा बढ़ गया है। तीर्थ पुरोहित जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि बीते 24 घंटे में लगभग ढाई फीट जलस्तर बढ़ा है। एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में बाढ़ जैसी कोई बात नहीं है। गंगा घाटों पर निगरानी के लिए लेखपालों को लगाया गया है। स्नान के दौरान नाविकों को भी तैनात किया जा रहा है।
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