{"_id":"64eeb8166771187a600d1045","slug":"life-decreased-by-10-years-in-up-report-of-air-quality-life-index-poisonous-air-is-reducing-age-pollution-2023-08-30","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP में 10 साल घट गई जिंदगी: लखनऊ और कानपुर समेत इन शहरों जहरीली हुई हवा, वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक से खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP में 10 साल घट गई जिंदगी: लखनऊ और कानपुर समेत इन शहरों जहरीली हुई हवा, वायु गुणवत्ता जीवन सूचकांक से खुलासा
Wed, 30 Aug 2023 06:12 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 30 Aug 2023 06:12 PM IST
सार
प्रदूषण यूपी वालों की जिंदगी के दस साल खा रहा है। गौतमबुद्ध नगर में सबसे तेजी से जिंदगी घट रही है। गाजियाबाद दूसरे नंबर पर है। एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स की रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। लखनऊ, कानपुर और उन्नाव में 9-10 साल जिंदगी घट गई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : unsplash
विस्तार
वायु प्रदूषण रोकने के लाख प्रयासों के बावजूद ये गहरी चिंता का विषय बन गया है। शिकागो विश्वविद्यालय के एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण की वजह से जिंदगी घट रही है। गौतम बुद्ध नगर में वायु प्रदूषण के कारण लोगों की जिंदगी करीब 11 साल घट गई है। दूसरे नंबर पर गाजियाबाद और तीसरे नंबर पर मथुरा है।
उन्नाव, लखनऊ और कानपुर में भी 9 से 10 साल उम्र घट रही है। ये स्थिति दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों की भी है। एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स की अगस्त को जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण के कारण औसत मानव जीवन घट रहा है।
दूसरे शब्दों में कहें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों पर वायु में पीएम 2.5 का स्तर ले आएं तो औसत मानव जीवन प्रत्याशा में वृद्धि हो जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण हमारे लिए कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शराब, सिगरेट और हादसों से कई गुना ज्यादा मौतें वायु प्रदूषण से हो रही हैं।
विज्ञापन
देश के अन्य राज्यों की तुलना में यूपी की वायु गुणवत्ता दिल्ली के बाद सबसे खराब है। अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन के पीएम 2.5 मानक पांच के बराबर वायु गुणवत्ता का स्तर आ जाए तो यूपी के लोगों की औसत आयु करीब 8.8 साल बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
उन्नाव, लखनऊ और कानपुर में भी 9 से 10 साल उम्र घट रही है। ये स्थिति दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य राज्यों की भी है। एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स की अगस्त को जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण के कारण औसत मानव जीवन घट रहा है।
विज्ञापन
दूसरे शब्दों में कहें तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों पर वायु में पीएम 2.5 का स्तर ले आएं तो औसत मानव जीवन प्रत्याशा में वृद्धि हो जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण हमारे लिए कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शराब, सिगरेट और हादसों से कई गुना ज्यादा मौतें वायु प्रदूषण से हो रही हैं।
विज्ञापन
देश के अन्य राज्यों की तुलना में यूपी की वायु गुणवत्ता दिल्ली के बाद सबसे खराब है। अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन के पीएम 2.5 मानक पांच के बराबर वायु गुणवत्ता का स्तर आ जाए तो यूपी के लोगों की औसत आयु करीब 8.8 साल बढ़ जाएगी।
अगर राष्ट्रीय मानक 40 के बराबर ले आएं तो उम्र करीब 5 साल बढ़ जाएगी। इन्हीं मानकों को यूपी के दस प्रमुख शहरों को रखने पर हालात और भयावह दिखते हैं। उत्तर प्रदेश की बात करें तो सबसे खराब स्थिति गौतम बुद्ध नगर की है। इससे सटे मथुरा और गाजियाबाद की हवा भी जहरीली है।
बरेली और प्रयागराज की हवा अपेक्षाकृत साफ है। वायु प्रदूषण दिल्ली के निवासियों के जीवन को लगभग 11.9 वर्ष कम कर रहा है। ये इंडेक्स जीवन प्रत्याशा पर पार्टिकुलेट प्रदूषण के प्रभाव को मापता है।
| शहर | पीएम 2.5 | जीवन बढ़ जाएगा |
| लखनऊ | 104 | 9.74 |
| कानपुर | 104 | 9.72 |
| आगरा | 104 | 9.79 |
| प्रयागराज | 94.77 | 8.8 |
| मेरठ | 88.82 | 8.21 |
| गौतमबुद्ध नगर | 119 | 11.27 |
| उन्नाव | 106 | 9.91 |
| बरेली | 79 | 7.27 |
| मथुरा | 108 | 10.15 |
| गाजियाबाद | 113 | 10.65 |