कुत्ता रखने के लिए अब लेना होगा लाइसेंस
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कुत्ते पालने के शौकीन हैं तो जरा ध्यान दें। अगर आपके पास पालतू कुत्ते हैं और आप ने उनका रजिस्ट्रेशन करा कर लाइसेंस नहीं बनवाया है तो आपको जुर्माना देना पड़ सकता है। इसके लिए नगर निगम का पशु अस्पताल प्रशासन पहले नोटिस जारी करेगा। फिर कार्रवाई की जाएगी।
पॉमरेनियन, रॉटविलर, लेब्राडोर, डाबरमैन, सेंट बर्नाड, जर्मन शेफर्ड आदि कुत्तों की दो दर्जन से अधिक प्रजातियां शहर में हैं। शहर में हजारों लोगों ने कुत्ता पाल रखा है लेकिन अधिकतर लोगों ने नगर निगम के पशु अस्पताल में अपने कुत्ते का पंजीकरण तक नहीं कराया है।
जबकि, कुत्ता पालने के लिए पंजीकरण कराकर लाइसेंस बनवाने का नियम है। लाइसेंस न बनवाने वालों को नोटिस भेजा जा चुका है।
लाइसेंस बनवाने के होंगे ये फायदे
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एमए अंसारी ने बताया कि कुत्ता पालने के लिए अस्पताल में पंजीकरण के बाद लाइसेंस बनवाना अनिवार्य है।
एक माह के भीतर लाइसेंस नहीं बनवाने पर कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस न होने पर पांच हजार रुपये तक जुर्माना देना पड़ेगा।
पालतू कुत्ते के लाइसेंस बनवाने के बाद आपको कई फायदे मिलेंगे। लाइसेंस करवाने के बाद पालतू पशु अस्पताल में कुत्ते का मुफ्त इलाज होगा।
साथ ही एक से दूसरे जगह कुत्ते को ले जाने में परेशानी नहीं होगी। अगर कुत्ता गायब हो जाए तो उसे ढूंढने में भी मदद की जाएगी।
किसी को कुत्ता काटने के बाद होने वाली कार्रवाई में पशु अस्पताल प्रशासन सहयोग भी करेगा।