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पुष्पक में लगेंगे एलएचबी कोच, बढ़ेगी ट्रेन की रफ्तार, आरामदायक होगा सफर
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लखनऊ। पुष्पक एक्सप्रेस से परंपरागत कोच हटाकर जल्द ही नई एचएचबी बोगियां लगाई जाएंगी। इससे जहां यात्रियों का सफर आरामदायक होगा, वहीं ट्रेन की रफ्तार भी बढ़ जाएगी। ट्रेन के लिए अत्याधुनिक एलएचबी बोगियां बनाने की जिम्मेदारी रेल कोच फैक्टरी रायबरेली को दी जाएगी। इस बाबत पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है।
लखनऊ जंक्शन से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन यात्रियों की पहली पसंद है। इसमें अभी परंपरागत कोच लगे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन अब ट्रेन से इन बोगियों को हटाकर अत्याधुनिक लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) कोच लगाने जा रहा है। इसके लिए रेलवे बोर्ड रायबरेली स्थित रेल कोच फैक्ट्री को 70 एलएचबी कोच बनाने के निर्देश देगा। पुष्पक एक्सप्रेस से पहले मुंबई जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस के रैक को भी एलएचबी किया जा चुका है।
इतनी बढ़ेगी क्षमता
श्रेणी परंपरागत बोगी एलएचबी
स्लीपर 72 84
थर्ड एसी 64 72
सेकेंड एसी 46 54
कम समय में पूरा होगा सफर
एलएचबी बोगियों की एसी कूलिंग परंपरागत कोच से बेहतर होती है। सिटिंग क्षमता भी अधिक होती है। एलएचबी बोगियों को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा सकता है। ये स्टेनलेस स्टील की होती हैं और हल्की व मजबूत भी होती हैं। कानपुर से गोविंदपुरी के बीच डबलिंग का काम कुछ दिनों में पूरा हो जाएगा, जिसके बाद पुष्पक की रफ्तार भी बढ़ाई जा सकेगी और एलएचबी रैक के कारण यह दो घंटे तक का समय भी बचा सकेगी।
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बोर्ड से मिली मंजूरी
डीआरएम पूर्वोत्तर रेलवे डॉ. मोनिका अग्निहोत्री ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस में परंपरागत रैक की जगह एलएचबी रैक का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया था। इसे मंजूरी मिल चुकी है। रेल कोच फैटरी रायबरेली से अगली एलएचबी बोगियों का रैक पुष्पक के लिए होगा, ऐसी उम्मीद की जा रही है।
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लखनऊ जंक्शन से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन यात्रियों की पहली पसंद है। इसमें अभी परंपरागत कोच लगे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन अब ट्रेन से इन बोगियों को हटाकर अत्याधुनिक लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) कोच लगाने जा रहा है। इसके लिए रेलवे बोर्ड रायबरेली स्थित रेल कोच फैक्ट्री को 70 एलएचबी कोच बनाने के निर्देश देगा। पुष्पक एक्सप्रेस से पहले मुंबई जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस के रैक को भी एलएचबी किया जा चुका है।
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इतनी बढ़ेगी क्षमता
श्रेणी परंपरागत बोगी एलएचबी
स्लीपर 72 84
थर्ड एसी 64 72
सेकेंड एसी 46 54
कम समय में पूरा होगा सफर
एलएचबी बोगियों की एसी कूलिंग परंपरागत कोच से बेहतर होती है। सिटिंग क्षमता भी अधिक होती है। एलएचबी बोगियों को 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया जा सकता है। ये स्टेनलेस स्टील की होती हैं और हल्की व मजबूत भी होती हैं। कानपुर से गोविंदपुरी के बीच डबलिंग का काम कुछ दिनों में पूरा हो जाएगा, जिसके बाद पुष्पक की रफ्तार भी बढ़ाई जा सकेगी और एलएचबी रैक के कारण यह दो घंटे तक का समय भी बचा सकेगी।
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बोर्ड से मिली मंजूरी
डीआरएम पूर्वोत्तर रेलवे डॉ. मोनिका अग्निहोत्री ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस में परंपरागत रैक की जगह एलएचबी रैक का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया था। इसे मंजूरी मिल चुकी है। रेल कोच फैटरी रायबरेली से अगली एलएचबी बोगियों का रैक पुष्पक के लिए होगा, ऐसी उम्मीद की जा रही है।