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Lucknow News: रहमानखेड़ा में दिखा तेंदुआ, दहशत

Wed, 26 Nov 2025 02:21 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Nov 2025 02:21 AM IST
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Leopard spotted in Rehmankheda, panic spreads

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लखनऊ। काकोरी के रहमानखेड़ा स्थित केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान व आसपास के जंगलों में तेंदुए की गतिविधियों ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। कुछ लोगों को तेंदुआ जंगल के निकट पुलिया पर बैठा दिखाई दिया। उसका फोटो वायरल होने और क्षेत्र में उसके पगचिह्न मिलने के बाद से लोग दहशत में हैं।

डीएफओ शितांशु पांडेय ने बताया कि रहमानखेड़ा क्षेत्र में किसी जंगली जानवर के दिखाई देने की सूचना मिली है। ग्रामीण तेंदुए के होने का दावा कर रहे है। वन विभाग की टीम भेज कर जांच कराई जा रही है। इधर, ग्रामीणों के अनुसार, मीठेनगर, उलरापुर, दुगौली सहित कई गांवों के पीछे घना जंगल है। किसान रोजाना अपने मवेशी चराने उधर जाते हैं। बीते चार दिनों से लगातार तेंदुए के पंजों के निशान उधर दिखाई दे रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार सुबह कुछ लोगों को पुलिया पर तेंदुए को बैठे देखा। रविवार को जंगल से दहाड़ने की आवाज भी सुनाई दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि संस्थान के वैज्ञानिक अपने कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं कि इस जानकारी को सार्वजनिक न किया जाए, जबकि पूरा मामला उनके संज्ञान में है।
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डेढ़ महीने में कई बार देखा गया

पशु चराने जंगल की ओर गए एक किसान ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले तेंदुए ने एक गाय का शिकार कर करीब 70 प्रतिशत मांस खा लिया था। जंगल में ताजा पगचिह्न भी मिले थे। सूचना पर वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर पंजों के निशान की जांच की थी। आरोप है कि टीम ने संस्थान के कर्मचारियों और ग्रामीणों को किसी को कुछ न बताने की हिदायत देकर चुप करा दिया। संस्थान के कर्मचारियों के अनुसार कुछ दिन पहले बिजली विभाग के कुछ कर्मियों ने भी तेंदुए को टहलते देखा था।






बाघ की दहशत में बीते थे 90 दिन

जिस इलाके में तेंदुए के देखने जाने की चर्चा चल रही है, वहां बीते वर्ष दिसंबर से लेकर फरवरी तक कुल 90 दिन बाघ की दहशत थी। यह बाघ इलाके के 15 किमी दायरे में सक्रिय था। खतरा बढ़ता देख जिला प्रशासन ने एहतियातन इस इलाके के स्कूलों को एक महीने तक बंद कराए रखा। काफी मशक्कत के बाद 5 मार्च को बाघ को पकड़ने में सफलता मिली थी।
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