सोने की तैयारी कर रहे थे लोग, घर में घुस आया तेंदुआ
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अचानक घर में तेंदुए को देख सभी घबरा गए। परिजनों ने खुद को कमरे में बंद करके जान बचाई। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े। तेंदुए को भगाने की कोशिश की गई लेकिन तेंदुआ घर से बाहर नहीं निकला।
सूचना पाकर वनकर्मियों की टीम भी मौके पर पहुंची। जाल लगाया गया। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुआ दीवार फांदकर जंगल की ओर चला गया। तब लोगों ने राहत की सांस ली।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज में आंबा गांव स्थित है। जंगल की दूरी महज 150 मीटर है। सोमवार देर रात 11 बजे के आसपास जंगल से निकलकर एक तेंदुआ आंबा गांव में पहुंच गया।
तेंदुए को देख कुत्तों के झुंड ने भौंकना शुरू कर दिया। इस दौरान झुंड के खदेड़ने पर तेंदुआ गांव निवासी बकरीदी पुत्र रमजान खान के घर में घुस गया। उस समय परिवार के लोग खाना खाकर सोने की तैयारी कर रहे थे।
रातभर नहीं सो सके गांव के लोग
तेंदुए को आंगन में देख सभी की घिग्घी बंध गई। शोर मचाते हुए बकरीदी व परिवार के सदस्यों ने अपने को कमरे में बंद कर सुरक्षित किया। चीख पुकार सुनकर गांव के लोगों ने भी हाका लगाना शुरू किया।
घर के बाहर काफी संख्या में लोग जमा हो गए। लेकिन आवाज अधिक होने के चलते तेंदुआ घर से बाहर नहीं निकला। सूचना पाकर कतर्नियाघाट के डिप्टी रेंजर रमेश चंद्र, वन दरोगा मनोज कुमार, जमुना प्रसाद व अन्य वनकर्मी मौके पर पहुंचे। घर के बरामदे की दीवाल पर जाल लगाया गया।
फिर सभी ने हाका लगाना शुरू किया। लेकिन तेंदुआ घर के अंदर ही जमा रहा। भोर में तीन बजे के आसपास तेंदुआ मकान के पीछे की दीवार फांदकर जंगल की ओर चला गया।