लेखपाल संघ का 13वें दिन भी आंदोलन जारी, अफसरों ने साधी चुप्पी, आम लोग परेशान
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लेखपाल संघ का पूर्व में जारी शासनादेशों पर अमल व लंबित मांगों पर कार्यवाही की मांग को लेकर 13वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। लेखपाल आंदोलन खिंचने की वजह से आम लोगों की समस्याओं व शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
तहसील दिवस से लेकर मुख्यमंत्री के स्तर से जिलों को भेजे जा रहे शिकायती पत्रों पर कार्यवाही नहीं हो पा रही है। करीब 50 हजार शिकायतें विभिन्न स्तर पर कार्यवाही के लिए लंबित बताई जा रही हैं। लेकिन, अधिकारी आम लोगों की समस्याओं का संज्ञान लेकर हड़ताल खत्म कराने की पहल करने की जगह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर आंदोलन को बढ़ाने में लगे हुए हैं।
लेखपाल संघ के महामंत्री ब्रजेश श्रीवास्तव का कहना है कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। लेकिन, अधिकारियों ने न तो काम करने के साथ प्रतीकात्मक आंदोलन का संज्ञान लिया और न ही कार्य बहिष्कार के साथ चल रहे आंदोलन का संज्ञान लेने को तैयार हैं।
संघ ने दिन-रात एक कर प्रदेश सरकार की ऋणमाफी व किसान सम्मान निधि योजना का क्रियान्वयन किया, जिसकी पूरे देश में तारीफ हुई। लेकिन, अधिकारी मुख्यमंत्री को गलत फीडबैक दे रहे हैं कि लेखपाल काम ही नहीं कर रहे हैं।
जब तक मांगों पर सुनवाई नहीं हो जाती आंदोलन जारी रहेगा
उन्होंने कहा कि शासन यह तक सुनने को तैयार नहीं है कि उन्होंने संघ के संदर्भ में जो शासनादेश जारी किए, उसका भी अनुपालन नहीं हो रहा है। श्रीवास्तव ने कहा कि जब तक मांगों की सुनवाई व उन पर निर्णय नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रहेगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने लेखपाल आंदोलन को समर्थन का एलान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है।