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‘नवाबों ने दिल से बसाया लखनऊ’
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 18 Oct 2014 05:46 PM IST
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शायद ही किसी को पता होगा कि नवाबों ने लखनऊ के 30 मोहल्ले फैजाबाद के मोहल्लों के नाम पर बसाए थे।
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नवाब आसिफउद्दौला के समय सन् 1775 में जब फैजाबाद से राजधानी को लेकर लखनऊ आए तो एक-एक कर 30 मोहल्ले पुराने लखनऊ में बसा डाले।
राज्य संग्रहालय में शुक्रवार को हुए ‘अवध की कला एवं लखनऊ के नवाब’ विषय पर हुए व्याख्यान में ये बातें नगर के इतिहासकार डॉ. योगेश प्रवीन ने कहीं।
उन्होंने कहा कि शहर में पूरे भारत का गुलदस्ता दिखता है। शिवानी कुमाऊं से आई तो यशपाल जी पंजाबी थे।
अमृतलाल नागर गुजरात से थे तो पं. भातखंडे महाराष्ट्रियन रहे।
हिंदी की पहली कहानी यहीं की है तो उर्दू का पहला उपन्यास भी यहीं से आया।
व्याख्यान सत्र में नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह ने लखनऊ के आदाब और लिबास की पहचान का जनक नवाब वाजिद अली शाह को बताया।