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चुनावी चकल्लस: नेताजी बोले- टिकट के लिए एक क्विंटल बायोडाटा जमा हो गए, दावेदार बोला- मेरा भी रख लो
Mon, 10 Jan 2022 02:18 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 10 Jan 2022 02:18 PM IST
सार
टिकट के दावेदार भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के नेताओं के घर और दफ्तर पर बायोडाटा जमा कर रहे हैं। भाजपा ने प्रत्याशियों का फैसला लगभग कर लिया है लेकिन फिर भी दावेदार पूरा जोर लगा रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस के नेताओं के घर और दफ्तर पर टिकट के दावेदारों की भीड़ कम नहीं हो रही है। दिल है कि मानता नहीं। मान भी कैसे लें जब अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ हो। प्रत्याशी घोषित होने तक संभावनाओं के द्वार खुले तो हैं ही। उम्मीद पर तो दुनिया कायम है। फिर बेचारे दावेदार क्यों उम्मीद छोड़ें। बायोडाटा से बड़े नेताओं के घर कागजों के ढेर जमा हो गए हैं। बायोडाटा पढ़ना नेताजी भूल न जाएं इसलिए वजनी स्मृति चिह्न भी दावेदार पकड़ा ही आते हैं। ऐसे स्मृति चिह्न और भेंटों से नेताओं के घर अटे पड़े हैं।
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सत्तारूढ़ दल में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, संगठन के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह और महामंत्री संगठन सुनील बंसल के यहां दावेदारों के पहुंचने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो जाता है। दो महीने से यह सब चल रहा है। देर रात तक सिलसिला चलता ही रहता है। कोई दो समर्थकों के साथ, तो कोई पांच के साथ, पहुंचता ही रहता है। दावे में कहीं कोई कमी न रहे, इसलिए आकर्षक बायोडाटा बनवाकर साथ लाते हैं। इनमें अपनी और परिवार की पृष्ठभूमि, शिक्षा, व्यवसाय के साथ संगठन में किए कामों का विस्तार से ब्योरा होता है। हर काम के ब्योरे के साथ कार्यक्रम की फोटो और अखबारों की कतरनें होती हैं।
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भाजपा में लगभग सभी सीटों पर उम्मीदवारों का पैनल तैयार हो चुका है। सर्वे भी हो चुका है। इसकी जानकारी दावेदारों को भी है। पर, आखिरी फैसला आने तक खुद को आजमाने में हर्ज भी क्या है? यही वजह है कि हर दावेदार बायोडाटा के दर्जनों सेट लेकर घर से निकलता है। जो भी ताकतवर नेता दिखता है, जहां उम्मीद की किरण दिखती है, बायोडाटा बढ़ा देते हैं। पार्टी के नेता भी कम नहीं हैं। बायोडाटा को बुके की तरह घर, दफ्तर और कार में रखवा देते हैं।
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नेताजी के बाहर निकलते ही उनके सहयोगी कर्मी दावेदार का नाम, नंबर और विधानसभा क्षेत्र का नाम कम्प्यूटर में दर्ज कर देते हैं। किस्सा शुक्रवार का है। प्रदेश सरकार के एक प्रमुख मंत्री के यहां दावेदारी जताने पहुंचे कुछ युवाओं को नेताजी ने कहा, भाई घर में एक क्विंटल बायोडाटा जमा हो गए हैं। दावेदार भी बेबाकी से बोला, नेताजी इसे भी रख लीजिए, थोड़ा वजन और बढ़ जाएगा।