अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची टीम को 5 किमी तक दौड़ाकर पीटा, चौकी में घुसकर बचाई जान
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एलडीए की अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर दूसरे दिन शुक्रवार को भी जमकर बवाल हुआ। पारा के पूर्वीदीन खेड़ा में अवैध निर्माण कर बने बैंक्वेट हाल को तोड़ने गई टीम को संचालक व उसके समर्थकों ने पांच किलोमीटर तक दौड़ा दिया।
हंगामा इतना बढ़ा कि एलडीए की जेसीबी के ड्राइवर ने पुलिस चौकी में घुसकर जान बचाई। इस दौरान वहां मौजूद एलडीए को दो सुपरवाइजरों को बैंक्वेट हाल के मालिक व साथ आए लोगों ने जमकर पीटा।
क्षेत्रीय जेई जमादार सिंह ने बताया कि वीसी के आदेश पर अवैध निर्माण तोड़ने गए थे। पुलिस की मौजूदगी में पूर्वीदीनखेड़ा में सावित्री वर्मा के नाम से भूखंड पर बने बैंक्वेट हॉल को तोड़ा गया।
यहां निर्माण तोड़ने के बाद टीम जब लौट रही थी, उस समय पुलिस साथ नहीं थी। इसके बाद पीछे से आए लोगों और बैंक्वेट हॉल के मालिक ने अभद्रता और मारपीट स्टाफ के साथ शुरू कर दी।
ड्राइवर ने पुलिस चौकी बाराबिरवा में घुसकर खुद को बचाया। इसके बाद अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच भीड़ को एलडीए के सुपरवाइजर रघुनाथ और लक्ष्मीशंकर मिल गए।
इनकी पिटाई कर दी गई। भीड़ का आरोप था कि बिना आदेश के बिल्डिंग तोड़ दी गई। बाद में जब आदेश दिखा दिया गया तब पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर एलडीए स्टाफ और जेसीबी को निकाला।
फैजाबाद रोड पर दो ग्रुप हाउसिंग सील
एलडीए ने शुक्रवार को फैजाबाद रोड पर दो ग्रुप हाउसिंग सील कीं। एकल आवास में नक्शा पास कराने के बाद यहां बहुमंजिला निर्माण कर दिए गए। यह निर्माण लक्ष्मणपुरी में अनिल टेकरीवाल व अश्विनी ने भूखंड संख्या 48 पर किया है।
वहीं दूसरा निर्माण मारुतिपुरम कांलोनी में भूखंड संख्या 100 पर आशीष गुप्ता ने कर लिया। एई संजय नादर, जेई नरेंद्र सिंह व रंग बहादुर ने इन इमारतों को सील कराया। इनके अलावा चार निर्माण जोन-6 में सील किए।
इनमें अमीनाबाद में जमां, पीयूष अग्रवाल, हुसैनगंज में अजय कुमार अग्रवाल, वजीरगंज में राजू व मुहम्मद हुसैन के निर्माण शामिल हैं। सीतापुर रोड योजना में भी राज जायसवाल का निर्माण सील किया गया।
संयुक्त सचिव धनंजय शुक्ला ने बताया कि जोन में कैलाशकुंज फैजाबाद रोड पर एक अवैध निर्माण तोड़ा गया। वहीं जोन-4 में आजाद बैंड का बिना नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण को तोड़ दिया गया।
एलडीए की आवासीय भवनों में शोरूम खोलने या दूसरी कॉमर्शियल गतिविधि पर कार्रवाई शुरू होने के बाद इससे बचने की जुगाड़ निकाल ली गई है। कॉमर्शियल शोरूम या भवन के सामने लगे होर्डिंग और साइनेज को छिपाया जा रहा है। कई जगह तो साइनेज को हटा ही दिया गया है। पत्रकारपुरम पर दो दिन पहले हुई कार्रवाई के बाद यह तरीका निकाला गया है।
छोटों को निपटाने की तैयारी
उनके कार्यकाल और तैनाती के क्षेत्र को भी खंगाला जा रहा है। मुख्य अभियंता ने इसके लिए खुद आदेश किया है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है। क्या अवैध निर्माण हो जाने के लिए वीसी और मुख्य अभियंता के पद पर रहे अधिकारी इन 10 साल के लिए जिम्मेदार नहीं हैं?
अवैध निर्माण पर कार्रवाई के बीच शुक्रवार को साहू सिनेमा के निर्माण की सील पर विवाद खड़ा हो गई। शाम तक बनी सूची में साहू सिनेमा के अंदर हुए निर्माण को शामिल रखा गया।
शाम को जब अंतिम सूची सामने आई तो इसमें से साहू सिनेमा के निर्माण को हटा दिया गया। खुद विहित प्राधिकारी के यहां से सील करने का आदेश हुआ। इंजीनियरिंग विभाग ने भी सील होने की बात स्वीकार की। इसके बाद नाम हटा दिए जाने के मामले में खुद वीसी प्रभु एन सिंह ने जांच के आदेश किए हैं।