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एलडीए बसाएगा दो आवासीय योजनाएं, लाखों की जरूरत होगी पूरी

Fri, 31 Aug 2018 01:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 31 Aug 2018 01:16 PM IST
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LDA will construct two residential plans in 7849 acres
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एलडीए अपनी दो नई आवासीय योजनाओं के लिए बख्शी का तालाब और गोसाईगंज में करीब 7849 एकड़ जमीन लैंडपूलिंग से अर्जित करेगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। लैंडपूलिंग के लिए किसानों और भू-स्वामियों से सहमति बनाकर योजना का विकास शुरू कराया जाएगा।
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एलडीए को 16 गांवों में जमीन अर्जित करनी है। योजना के मुताबिक सीतापुर रोड पर बख्शी का तालाब तहसील में पांच गांवों की 2072 एकड़ (838.453 हेक्टेयर) जमीन का अर्जन होना है। वहीं, सुल्तानपुर रोड पर गोसाईगंज के पास 11 गांवों की करीब 5,777 एकड़ (2337.93 हेक्टेयर) जमीन ली जानी है।
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पूर्व में इन गांवों के लिए डीएम के माध्यम से प्राधिकरण मुआवजेे की दरें तय करवा रहा था। एलडीए के नोटिफिकेशन के मुताबिक जमीन प्राधिकरण सीमा बढ़ने के बाद अर्जित की जा रही है। येे 16 गांव उन 197 में शामिल हैं जिन्हें महायोजना 2031 में प्राधिकरण की सीमा में शामिल किया गया है।
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इन 197 गांवों के विकास की जोनल योजना भी एलडीए को बनानी है। इस पर काम हो रहा है। 16 गांवों में सुल्तानपुर रोड के 11 गांव मलूकपुर ढकवा, ढकवा, कोरियानी, मलौली, बाजूपुर, चौरहिया, चांद सराय, दुलारमऊ, मोअज्जमनगर, सेमनापुर, सलौली शामिल हैं। वहीं, बख्शी का तालाब के पांच गांव चंदाकोडर, नगवामऊ खुर्द, नगवामऊ कलां, दुर्जनपुर और राजपुर हैं।

किसानों को भी मिलेगा फायदा

LDA will construct two residential plans in 7849 acres
डेमो
नई योजनाओं में जमीन अधिग्रहण में सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा देना होगा। एलडीए के पास बजट का संकट है। ऐसे में तय हुआ कि लैंडपूलिंग की जाए। इसमें किसानों से जमीन विकास कार्य के लिए अनुबंध कर ली जाएगी।

सहमति के मुताबिक या 25 प्रतिशत विकसित जमीन भूखंड़ों के रूप में किसानों को वापस कर दी जाएगी। 25 प्रतिशत जमीन एलडीए खुद विक्रय करेगा। वहीं, 50 प्रतिशत जमीन का उपयोग सड़क, पार्क व अन्य सुविधाएं विकसित करने में करेगा। 25 फीसदी विकसित जमीन के दाम भी मूल जमीन की कीमत से काफी अधिक होंगे। ऐसे में अधिकारी इसे किसानों के लिए भी फायदे का सौदा मान रहे हैं।

एलडीए प्रबंधनगर योजना में मुआवजा अवॉर्ड करा चुका है। इसके लिए मुआवजे की 300 करोड़ रुपये की रकम भी जिला जज के यहां जमा है। लेकिन अब नई नीति से मुआवजा बांटना है। ऐसे में एलडीए यहां भी लैंडपूलिंग स्कीम प्रस्तावित कर चुका है। हालांकि, यहां अर्जन की कार्रवाई अभी शुरू नहीं हो पाई है। जोनों योजनाओं में जमीनों के अर्जन को एलडीए ने नोटिफिकेशन कर दिया है। इसमें कहा गया कि एलडीए किसानों से आपसी समझौते के आधार पर योजना प्रस्तावित करता है।

एलडीए के आकलन के मुताबिक दोनों योजनाओं में करीब 10 लाख की आबादी के स्थायी निवास करने और सात लाख की आबादी के स्थायी निवास की जरूरत के आधार पर विकास होना है। ऐसे में करीब 17 लाख लोगों की जरूरत को ये योजनाएं पूरी करेंगी। सुल्तानपुर रोड की योजना बख्शी का तालाब से करीब तीन गुना बड़ी होगी।

लैंडपूलिंग से दोनों पक्षोें को लाभ
एलडीए को अभी दो योजनाओं पर विकास कार्य कराने हैं। इसके बाद प्रबंधनगर योजना भी प्रस्तावित है। ऐसे में मुआवजा बांटने की जगह लैंडपूलिंग से ही अर्जन उचित रहेगा। इससे दोनों ही पक्षों को लाभ होगा। - राजीव कुमार सिंह, वित्त नियंत्रक, एलडीए
 
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