लखनऊ। एलडीए की विकसित 21 कॉलोनियों को रख-रखाव के लिए नगर निगम को हैंडओवर किया जाएगा। इन्हें 12 साल पहले तक प्राधिकरण विकसित कर चुका है। इन कॉलोनियों में गोमतीनगर विस्तार कीसात, जानकीपुरम विस्तार की 11, जानकीपुरम की दो और गोमतीनगर की एक कॉलोनी शामिल है। हैंडओवर की कार्रवाई शुरू करने के लिए एलडीए ने शासन को भी सूचना भेज दी है। एलडीए के मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह के मुताबिक जानकीपुरम विस्तार के 1 से लेकर 11 सेक्टर तक हैंडओवर होने हैं। इनका विकास कार्य वर्ष 2008 में ही पूरा हो चुका है। यहां सीवर और पानी को पहले ही जलकल विभाग को हैंडओवर किया जा चुका है। नगर निगम को अब बाकी सुविधाओं जैसे स्ट्रीट लाइट, सड़कें, सफाई आदि को हैंडओवर किया जाएगा। गोमतीनगर विस्तार में सभी सुविधाएं हैंडओवर होनी हैं। जानकीपुरम के सेक्टर जे व सेक्टर जे विस्तार के अलावा गोमतीनगर योजना की एकमात्र बची विभूतिखंड कॉलोनी को भी हैंडओवर करने का प्रस्ताव है। विभूतिखंड की सफाई हाल ही में नगर निगम को हैंडओवर कर दी गई थी। यहां पांच प्रमुख सड़कों का रख-रखाव पीडब्ल्यूडी करेगा। बाकी सड़कों के लिए नगर निगम को हैंडओवर किया जाना है। इन कॉलोनियों को किया जाना है हैंडओवर कॉलोनी विकास पूरा होने का वर्ष गोमतीनगर विस्तार, सात सेक्टर 2012- 13 जानकीपुरम विस्तार, 11 सेक्टर 2008 विभूतिखंड गोमतीनगर 2010 सेक्टर जे व सेक्टर जे विस्तार, जानकीपुरम 2019 नगर निगम सीमा में आने के बाद बनी संभावना गोमतीनगर विस्तार और जानकीपुरम विस्तार की कॉलोनियां अभी तक नगर निगम सीमा से बाहर थीं। 88 गांवों के नगर निगम सीमा में शामिल होने से इनके हैंडओवर होने का रास्ता खुला था। अब एलडीए ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। हैंडओवर होने का फायदा यह होगा कि इन कॉलोनियों में स्थानीय लोगों को लखनऊ नगर निगम से नगरीय सुविधाएं मिलना शुरू हो जाएगी। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उनके विकास के लिए जिम्मेदार होंगे।