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Lucknow News: एलडीए अफसर-अभियंता खेलते रहे नोटिस का खेल, उधर बन गया अवैध अलाया अपार्टमेंट
Thu, 26 Jan 2023 11:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jan 2023 11:22 AM IST
सार
अवैध इमारत के गिरने के 24 घंटे से ज्यादा समय बाद भी एलडीए अफसर एवं अभियंता इसकी फाइल नहीं खोज पाए हैं। ऐसे में सवाल है कि कहीं फाइल गायब तो नहीं कर दी गई? फाइल न मिलने से जोनल अधिशासी अभियंता, अवर अभियंताओं की तैनाती का पता नहीं चल पा रहा है।
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अलाया अपार्टमेंट
- फोटो : amar ujala
विस्तार
हजरतगंज में वजीर हसन रोड पर सपा नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. शाहिद मंजूर के बेटे का जो पांच मंजिला अवैध अपार्टमेंट मंगलवार शाम भरभराकर ढहा, उसकी नींव 13 साल पहले जनवरी 2010 में पड़ी थी। रिहायशी बहुमंजिला इमारत का काम शुरू के चार माह बाद ही एलडीए ने कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्माण रोकने का आदेश दिया था। इसका जवाब न मिलने पर निर्माण तोड़ने का आदेश भी हो गया। हालांकि, प्राधिकरण के अफसर-अभियंता नोटिस-नोटिस खेलते रहे और उधर, अवैध इमारत खड़ी हो गई। सिंडीकेट में सांठगांठ ऐसी थी कि नोटिस एवं ध्वस्तीकरण के आदेश पर भी अवैध निर्माण सील नहीं किया गया। ऐसे में मंगलवार के हादसे के लिए एलडीए ही जिम्मेदार है।
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निर्माण तोड़ने का आदेश देकर भूल गए
संयुक्त सचिव राकेश कुमार मिश्रा ने दो अगस्त 2010 को यह अवैध इमारत तोड़ने का आदेश किया। इस पर जोनल प्रवर्तन अधिकारी ने पांच अगस्त 2010 को दूसरा आदेश जारी कर बिल्डर को 30 दिन में खुद निर्माण तोड़ने का आदेश दिया। हालांकि, इलाकाई जोनल अधिकारी (प्रवर्तन), अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर निर्माण सील करने के बजाय इसे गुपचुप तरीके से बनवाते रहे। इसी बीच ढाई मंजिल का मानचित्र पास कराने के लिए आवेदन किया, जो निरस्त हो गया। फिर कंपाउंडिंग मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए आवेदन किया गया, लेकिन यह भी निरस्त कर दिया गया। उधर, संयुक्त सचिव के आदेश पर प्रवर्तन इकाई ने कार्रवाई नहीं की, जिससे अवैध अपार्टमेंट तैयार हो गया और इसके फ्लैट बेच भी दिए गए।
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अब खोज नहीं पा रहे फाइल
अवैध इमारत के गिरने के 24 घंटे से ज्यादा समय बाद भी एलडीए अफसर एवं अभियंता इसकी फाइल नहीं खोज पाए हैं। ऐसे में सवाल है कि कहीं फाइल गायब तो नहीं कर दी गई? फाइल न मिलने से जोनल अधिशासी अभियंता, अवर अभियंताओं की तैनाती का पता नहीं चल पा रहा है। महज ध्वस्तीकरण आदेश पर सहायक अभियंता अजीत कुमार का नाम है। तीन अवर अभियंता के हस्ताक्षर हैं, पर इनके नाम का उल्लेख नहीं है। उधर, शासन के तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करते ही हजरतगंज क्षेत्र में वर्ष 2009 से 2015 के बीच तैनात रहे अवर अभियंता तैनाती आदेश लेकर लालबाग स्थित कार्यालय पहुंच आला अफसरोें की परिक्रमा करने लगे हैं। ये अफसर अवैध निर्माण की फाइल खोजने पहुंचे थे। अवर अभियंताओं ने सफाई में कहा, जिस अवैध निर्माण की अवधि पूरा हुए चार वर्ष बीत जाते हैं, वहां के अवर अभियंता सहित सभी की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है।
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