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माफिया मुख्तार अंसारी के नजदीकी लोगों के निर्माण को तोड़ने के लिए एलडीए ले रहा कानूनी राय
Mon, 31 Aug 2020 03:30 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 31 Aug 2020 03:30 PM IST
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मुख्तार अंसारी।
- फोटो : अमर उजाला।
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लखनऊ के डालीबाग में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के नजदीकी लोगों के निर्माणों को तोड़ने के लिए एलडीए अब विधिक राय ले रहा है। दरअसल, इनमें से अधिकांश निर्माण एलडीए से नक्शा स्वीकृत होने के बाद हुए हैं। वहीं, मुख्तार अंसारी के सांसद भाई अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के बंगले के लिए शमन मानचित्र एलडीए से स्वीकृत मिला है।
एलडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भले ही शपथपत्र को आधार बनाकर नक्शे स्वत: निरस्त मान लिए जाएं, लेकिन यूपी नगर विकास एवं शहरी नियोजन अधिनियम, 1973 के सेक्शन 15 में अवैध निर्माण करने वाले को सुनवाई का मौका देना चाहिए। ऐसे में एलडीए अपने पैनल के वरिष्ठ वकील से राय ले रहा है।
डालीबाग में जियामऊ के गाटा संख्या 93 के निष्क्रांत संपत्ति घोषित होने से बने हालात की जानकारी अधिकारियों ने वकील से साझा की है। साथ ही उनसे पूछा है कि एलडीए आगे क्या कार्रवाई करे जिससे प्रकरण न्यायालय में जाने पर प्रतिकूल स्थिति से बचा जा सके।
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एलडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भले ही शपथपत्र को आधार बनाकर नक्शे स्वत: निरस्त मान लिए जाएं, लेकिन यूपी नगर विकास एवं शहरी नियोजन अधिनियम, 1973 के सेक्शन 15 में अवैध निर्माण करने वाले को सुनवाई का मौका देना चाहिए। ऐसे में एलडीए अपने पैनल के वरिष्ठ वकील से राय ले रहा है।
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डालीबाग में जियामऊ के गाटा संख्या 93 के निष्क्रांत संपत्ति घोषित होने से बने हालात की जानकारी अधिकारियों ने वकील से साझा की है। साथ ही उनसे पूछा है कि एलडीए आगे क्या कार्रवाई करे जिससे प्रकरण न्यायालय में जाने पर प्रतिकूल स्थिति से बचा जा सके।
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जिला प्रशासन से भी मांगी जा रही सूचना
अभी तक एक सेटेलाइट मैप और नजरी नक्शा के जरिए गाटा संख्या 93 की जमीन को चिह्नित किया गया है। वहीं एलडीए मौके पर इसका चिह्नांकन चाहता है। इसके लिए एलडीए जिला प्रशासन को पत्र भेजकर स्थिति की जानकारी करेगा। एलडीए यह पूरी कवायद इसलिए कर रहा है क्योंकि अभी तक मिले रिकॉर्ड के मुताबिक करीब 13 अपार्टमेंट और अन्य मकान व बंगले बने दिखाई दे रहे हैं।
इतनी बड़ी संख्या में निर्माण तोड़ना जहां एक चुनौती होगी, वहीं एलडीए किसी भी गलती होने की संभावना पर कानूनी अड़चन से बचना चाह रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी खुद भी यहां हुए निर्माण तोड़ने से हिचक रहे हैं। इसीलिए जिला प्रशासन ने पूरी जिम्मेदारी एलडीए के ऊपर डाल दी है।
नोटिस देकर कार्रवाई की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि इस जमीन पर बने भवन के स्वामियों को पहले नोटिस देने की तैयारी है। उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद निर्माणों के नक्शे स्वत: खारिज मानते हुए तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
इतनी बड़ी संख्या में निर्माण तोड़ना जहां एक चुनौती होगी, वहीं एलडीए किसी भी गलती होने की संभावना पर कानूनी अड़चन से बचना चाह रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारी खुद भी यहां हुए निर्माण तोड़ने से हिचक रहे हैं। इसीलिए जिला प्रशासन ने पूरी जिम्मेदारी एलडीए के ऊपर डाल दी है।
नोटिस देकर कार्रवाई की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि इस जमीन पर बने भवन के स्वामियों को पहले नोटिस देने की तैयारी है। उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद निर्माणों के नक्शे स्वत: खारिज मानते हुए तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।